Chamoli
उत्तराखंड: ग्रामीणों ने रेलवे निर्माण कार्य रोका, जानिए वजह

चमोली: चमोली के सिवाई के मेठाणा तोक गांव के अनुसूचित जाति के ग्रामीणों ने रविवार को रेलवे टनल निर्माण का काम रोक दिया। उन्होंने टनल के बाहर धरना देकर अपनी मांगें रखीं।
ग्रामीणों ने कहा कि रेलवे काम के कारण उनकी जमीन ली गई है और सुरंग में हो रहे विस्फोट से उनके घरों में दरारें पड़ गई हैं। उन्होंने रोजगार, मंदिर निर्माण, सूखे जल स्रोतों की समस्या और घरों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार स्थानीय लोगों को रोजगार देने की बात करती है, लेकिन कंपनी ने गांव से सिर्फ दो लोगों को ही काम दिया है। साथ ही उनका पुराना मंदिर अभी तक नहीं बना। कई बार अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई…इसलिए उन्होंने आंदोलन शुरू किया है।
रेलवे अधिकारियों ने बातचीत की कोशिश की…लेकिन ग्रामीणों ने नहीं मानी और अपना प्रदर्शन जारी रखा।
Chamoli
चमोली में सेरा गांव के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी कार, चालक की मौके पर ही मौत

Chamoli News : चमोली में रविवार देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सेरा गांव के पास एक अल्टो कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
Table of Contents
सेरा गांव के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी कार
Chamoli में नंदप्रयाग–नंदानगर मोटर मार्ग पर सेरा गांव के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। रविवार देर शाम एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने चालक के शव को खाई से बाहर निकाला।

Chamoli के नंदानगर बाजार से अपने घर लौट रहा था चालक
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान सेरा गांव निवासी सुरेंद्र सिंह पुत्र हिम्मत सिंह के रूप में हुई है। जो कि बाजार से सामान लेकर सेरा गांव स्थित अपने घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार हादसे का शिकार हो गई। हादसे में कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस हादसे की खबर के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है।
Trending
श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर, नंदा राजजात यात्रा 2026 पर बड़ा फैसला, जानिए क्या कहा……..

NANDA DEVI RAJ JAT YATRA 2026: श्रीनंदा राजजात समिति ने लिया बड़ा फैसला
NANDA DEVI RAJ JAT YATRA 2026: उत्तराखंड में इस वर्ष 2026 में होने वाली नंदा राज जात (ठुली जात) यात्रा का हर कोई इन्तजार कर रहा है। बता दें कि हिमालयी महाकुंभ के नाम से प्रचलित ये यात्रा प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित की जाती है। आखिरी बार ये यात्रा साल 2014 में हुई थी। लेकिन इस बार नंदा राज जात यात्रा समिति ने बड़ा फैसला लिया है।
मुख्य बिंदु
नंदा राजजात यात्रा 2026 पर समिति का बड़ा फैसला
इस वर्ष वसंत पंचमी के दिन नंदा राजजात यात्रा के कार्यक्रम के लिए दिन तय किया जाना था। इससे पहले नंदा राज जात यात्रा को लेकर रुट मैप भी जारी कर दिया गया है। लेकिन समिति ने अब बड़ा फैसला लेते हुए बताया कि इस वर्ष ये धार्मिक यात्रा नहीं हो पाएगी।
पढ़ें ये भी – नंदा देवी राज जात यात्रा 2026 : ख़त्म हुआ इंतजार, इस दिन से शुरू होगी यात्रा…..
एशिया की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा- नंदा देवी राजजात यात्रा
नंदा देवी राज जात यात्रा एशिया की सबसे लम्बी धार्मिक यात्रा है। ये यात्रा उत्तराखंड के चमोली जिले के नौटी गांव से शुरू होकर होमकुंड में जाकर आम लोगों के लिए पूरी हो जाती है। जिसके बाद वहां से आगे चौसिंगिया खाडू (चार सींग वाले भेड़) को अकेले हिमालय के लिए रवाना किया जाता है। ये यात्रा 20 दिन में कठिन हिमालयी बुग्यालों से होते हुए 280 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करती है।

इस वर्ष नहीं हो पाएगी यात्रा, साल 2027 में संभावित
इस वर्ष यात्रा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा था। लेकिन नंदा देवी राजजात यात्रा समिति ने बड़ा फैसला लेते हुए बताया कि हिमालयी क्षेत्रों में पूरा काम न होने से ये यात्रा इस वर्ष नहीं हो पाएगी। श्रीनंदा देवी राजजात समिति के अध्यक्ष डॉ राकेश कुंवर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हिमालयी क्षेत्र में काम पूरे नहीं हो पाए हैं। इसलिए ये राजजात अब 2027 में आयोजित होगी।
पढ़ें ये भी – एक मंदिर, दो राज्य ! जानिए शक्तिपीठ, आस्था और इतिहास का दिव्य संगम…
big news
मकर संक्रांति पर खुले आदिबद्री मंदिर के कपाट, दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

Chamoli News : पंचबद्री में से एक Adibadri Temple के कपाट आज विधि-विधान पूर्व भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
Table of Contents
मकर संक्रांति पर खुले Adibadri Temple के कपाट
मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर आज सुबह साढ़े पांच बजे आदिबद्री मंदिर के कपाट खोल दिए गए हैं। मुख्य पुजारी चक्रधर थपलियाल ने सुबह विधि-विधान मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के द्वारा श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए हैं। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

14 से 20 जनवरी तक होगा महाभिषेक समारोह का आयोजन
कपाट उद्घाटन के शुभ अवसर पर 14 से 20 जनवरी तक महाभिषेक समारोह का आयोजन किया जाएगा। बता दें कि Adibadri Temple पंचबद्री में से एक है और चमोली जिले में स्थित है। ऐसी मान्यता है कि बद्रीनाथ के दर्शन से पहले आदिबद्री के दर्शन जरूर करने चाहिए।

भगवान विष्णु का सबसे प्राचीन मंदिर है आदिबद्री
भगवान विष्णु का सबसे प्राचीन मंदिर है। इसे भगवान श्री हरि विष्णु की तपस्थली भी माना जाता है। जो कि 16 मंदिरों का समूह है। स्थानीय लोगों के मुताबिक स्वर्ग जाते हुए पांडवों ने इन मंदिरों का निर्माण करवाया था। बाद में आदि गुरू शंकराचार्य ने इनका जीर्णोद्वार करवाया था।
Pauri7 hours agoउत्तराखंड का ये गांव हो गया वीरान, भालू के हमलों से परेशान होकर मज़बूरी में लिया फैसला
big news8 hours agoसिडकुल में निर्माणाधीन मकान के सैप्टिक टैंक में शव मिलने से सनसनी, नहीं हो पाई शिनाख्त
Dehradun24 hours agoदेहरादून में ऑटो रिक्शा चालकों का सीएम आवास कूच, रेपिडो को बंद करने की है मांग
Cricket6 hours agoभारत बनाम न्यूज़ीलैंड के बीच पहला टी20 मुक़ाबला आज , जानिए बेस्ट फैंटेसी टीम और प्रेडिक्टशन..
big news6 hours agoखटीमा में सुजिया नाले के किनारे पड़ा मिला प्रतिष्ठित व्यापारी का शव, कनपटी पर लगी थी गोली
Cricket4 hours agoSEC vs PC Dream11 Prediction Today : Qualifier 1 में कौन मारेगा बाज़ी?
Haridwar7 hours agoआज दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आएंगे गृहमंत्री अमित शाह, हरिद्वार में ट्रैफिक रहेगा डायवर्ट
Pithoragarh23 hours agoपिथौरागढ़: गंगोलीहाट में दर्दनाक सड़क हादसा, कार खाई में गिरी, दो की मौत





































