Dehradun
उत्तराखंड बनेगा देश का पहला दिव्यांग मुक्त राज्य, स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत !

उत्तरकाशी – राज्य के उच्च शिक्षा, विद्यालयी शिक्षा, संस्रूकृत शिक्षा, सहकारिता, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिह रावत हिटाणू में मंजीरा देवी विश्वविद्यालय में परमार्थ निकेतन ऋषिकेश और महावीर सेवा सदन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दिव्यांगतामुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागी बने स्वामी चिदानंद एवं मंत्री धन सिंह रावत ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इस शिविर में 65 दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान किए गए। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत ने दिव्यांगों की सहायता के लिए इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस तरह के प्रयासों में पूरा सहयोग करेगी।
वही परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदांनद मुनि में मंजीरा देवी विश्वविद्यालय अस्पताल के लिए एक करोड रूपये देने की घोषणा की। नेत्रहीन छात्रों के व बीएससी नर्सिंग के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया वही कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिह रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तरकाशी जिले में शिक्षा व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 110 करोड़ रूपये की लागत की कई महत्वपूर्ण योजनाएं स्वीकृत की हैं। उन्होंनें भटवाड़ी में उप जिला अस्पताल की स्थापना कराए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि जमीन की व्यवस्था होते ही इस अस्पताल के भवन निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चिन्यालीसौड़ ब्लॉक में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के निर्माण के लिए 41 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है और पहले चरण में इस काम के लिए साढे दस करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। इस योजना पर भी जल्दी काम प्रारंभ हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर को प्राथमिकता पर रखते हुए अनेक ऐतिहासिक काम किए जा रहे हैं। राज्य को 2025 तक टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया गया है और अब तक साढे पॉंच हजार गांवं टीबीमुक्त हो चुके हैं। राज्य को ड्रग-फ्री बनाने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड में सौ फीसदी साक्षरता दर हासिल करने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों को गांवों को गोद लेने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि हर ब्लॉक में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं और खाली पदों पर अध्यापकों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आगामी 5 अक्टूबर तक सभी प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापकों की तैनाती सुनिश्चित कर दी जाएगी और कोई भी विद्यालय अध्यापक विहीन नहीं रहेगा। उन्होंने जिले में विद्यालय भवनों के निर्माण के लिए दी गई स्वीकृतियों का उल्लेख करने के साथ ही मेधावी छात्रों के लिए कक्षा छः से लेकर उच्च शिक्षा तक के लिए प्रोत्साहन छात्रवृत्ति की योजना लागू की गई है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि अस्पतालों की स्थिति सुदृढ करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अस्पतालों में नए उपकरणों व चिकित्सकों व नर्सों व अन्य स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला अस्पताल उत्तरकाशी में में 23 करोड़ की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना के साथ ही 10 अतिरिक्त डायलिसिसि यूनिट की स्थापना की स्वीकृति दी जा चुकी हैं। पुरोला में 35 करोड़ की लागत से 50 बेड के उप जिला अस्पताल के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने राज्य में हो रहे विकास कार्यों एवं जन-कल्याणकारी योजनाओं से आम लोगों को मिल रहे फायदों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी संगठनों एवं लोगों को जन-कल्याण के कामों में एकजुट होकर सहयोग करना होगा। तभी तय लक्ष्यों को समय से हासिल किया जा सकेगा।
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Dehradun
DEHRADUN: जर्जर स्कूलों पर प्रशासन सख्त, CM के आदेश से 76 भवन ध्वस्तीकरण के लिए चिन्हित

DEHRADUN: हजारों बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, 76 जर्जर स्कूल भवन गिरेंगे
देहरादून (DEHRADUN): जिले में वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े विद्यालय भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने पहली बार ठोस एवं निर्णायक कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है। कि माननीय मुख्यमंत्री जी के सख्त निर्देश है कि नौनिहालों के जीवन से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में जर्जर एवं निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों की पहचान, आकलन और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
मुख्य बिंदु
सीएम के निर्देश पर बच्चों की जान का जोखिम बने जिले के 76 जर्जर स्कूल भवन ध्वस्त
जिलाधिकारी देहरादून की सख्ती के बाद महज 10 दिनों के भीतर 100 विद्यालयों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सूची पूर्ण रिपोर्ट के साथ जिला प्रशासन को सौंप दी है।
डीएम ने दिखाई सख्ती तो 10 दिन में आ गई 100 स्कूलों के जर्जर भवन की रिपोर्ट
जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को निष्प्रोज्य एवं आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के आंगणन (एस्टिमेट) तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए 1 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ध्वस्तीकरण एवं आवश्यक सुरक्षा उपायों में कोई विलंब न हो। जनपद में कुल 79 विद्यालयों के सम्पूर्ण भवन निष्प्रोज्य पाए गए हैं, इनमें 13 माध्यमिक एवं 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
63 विद्यालयों में शिक्षण की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है। 16 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। इनके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। 17 विद्यालय आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किए गए हैं। 8 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं पाई गई है।
जिलें में वर्षों से जर्जर पड़े स्कूल भवन पहलीबार हुए निष्प्रोज्य; ध्वस्तीकरण जल्द; 1 करोड़ स्वीकृत
जिलाधिकारी ने पूर्णतः निष्प्रोज्य विद्यालयों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। जिन विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था नहीं है, वहाँ पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर उसके बाद ध्वस्तीकरण किया जाएगा। आंशिक निष्प्रोज्य भवनों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक मरम्मत/प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी विद्यालय में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण संचालित नहीं होगा। प्रशासन समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
Uttarakhand
दून पुलिस की सराहनीय पहल, वरिष्ठ नागरिकों से सम्पर्क कर हाल जाना और साइबर अपराधों से बचने के लिए किया जागरूक

DEHRADUN: एसएसपी के निर्देशों पर दून पुलिस कर रही सीनियर सिटिजंस से संपर्क, सराहनीय पहल की हर तरफ चर्चा
देहरादून (DEHRADUN): वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर दून पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए अकेले रह रहे सीनियर सिटीजनों से सीधे संपर्क किया। इस अभियान के तहत, पुलिसकर्मियों ने नगर और देहात क्षेत्र के सभी थाना क्षेत्रों में जाकर बुजुर्गों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

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दून पुलिस ने सीनियर सिटीजनों से मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना
इस दौरान, पुलिस ने सीनियर सिटीजनों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति में जरुरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके, इसके लिए चीता पुलिस और उच्चाधिकारियों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए।

साइबर अपराधों से बचने के लिए किया जागरूक
भेंट के दौरान, पुलिस टीम ने बुजुर्गों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में भी विस्तार से बताया। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों ने ठगी से बचने के उपाय बताए और अनजान कॉल, लिंक और डिजिटल लेनदेन को लेकर सतर्क रहने के लिए जागरूक किया।

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दून पुलिस की इस पहल से सीनियर सिटीजनों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई। सभी बुजुर्गों ने पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और पुलिसकर्मियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें अपना आशीर्वाद भी दिया। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी इस तरह के जनसंपर्क और सुरक्षा अभियानों को लगातार जारी रखा जाएगा।

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देहरादून के चकराता में बड़ा सड़क हादसा, कार खाई में गिरने से सेना के मेजर की मौत

Dehradun News : चकराता में सड़क हादसे में सेना के मेजर की मौत, परिजनों में कोहराम
Dehradun News : राजधानी देहरादून के चकराता में बड़ा सड़क हादसा हो गया। एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे में सेना के मेजर की मौत हो गई। इस खबर के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
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देहरादून के चकराता में बड़ा सड़क हादसा
शनिवार को देहरादून के चकराता में दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसे में आर्मी के मेजर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक मेजर की पबचान शुभम सैनी के रूप में हुई है। जो कि उत्तर प्रदेश के मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित घसौली गांव के रहने वाले थे।
कार खाई में गिरने से सेना के मेजर की मौत
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक मेजर शुभम सैनी अपने दो दोस्त देहरादून में एग्जाम देने के लिए गए थे। परीक्षा देने के बाद शनिवार को मेजर शुभम अपने दोस्तों को कार से चकराता के पास ही एक होटल में छोड़कर वापस लौट रहे थे। यूनिट को जाने के दौरान उनकी कार हादसे का शिकार हो गई।

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
बताया जा रहा है कि मेजर शुभम की कार देहरादून-चकराता मार्ग पर अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में मेजर शुभम सैनी गंभीर रूप से घायल हो गए। आस-पास मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान जहां उनकी मौत हो गई। इस खबर के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
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