Bageshwar
सीएम धामी ने बागेश्वर के बैजनाथ मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं से किया आग्रह…

बागेश्वर: देवभूमि उत्तराखंड के मंदिर विश्व प्रसिद्ध हैं, और इनमें से एक प्रसिद्ध मंदिर बागेश्वर जिले में स्थित श्री बैजनाथ मंदिर है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं से इस प्राचीन और दिव्य मंदिर के दर्शन करने का आह्वान किया है।
बागेश्वर जिला उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में स्थित है, जो प्राकृतिक सुंदरता और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के प्रमुख मंदिरों में बागनाथ मंदिर, चंडिका देवी मंदिर, गौरी उडियार गुफा मंदिर, हरुनाथ मंदिर और बैजनाथ मंदिर शामिल हैं। चंडिका देवी मंदिर को नगर देवी का दर्जा प्राप्त है, जबकि गौरी उडियार गुफा मंदिर की संरचना पिथौरागढ़ के पाताल भुवनेश्वर मंदिर से मेल खाती है।
बैजनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन और दिव्य धाम है, जो बागेश्वर जनपद में गोमती नदी के तट पर स्थित है। यह मंदिर कत्यूरी राजाओं द्वारा 1150 ईस्वी में बनवाया गया था और यह शिव भक्तों के लिए अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है। बैजनाथ मंदिर का निर्माण नागर शैली में हुआ है और यह भारत सरकार द्वारा स्वदेश दर्शन योजना के तहत ‘शिव हेरिटेज सर्किट’ में शामिल किया गया है। इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों के रूप में मान्यता प्राप्त है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर बैजनाथ मंदिर का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने श्रद्धालुओं से इस प्राचीन मंदिर के दर्शन करने का आह्वान किया। सीएम धामी ने लिखा, “बागेश्वर जनपद में गोमती नदी के तट पर स्थित श्री बैजनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन दिव्य धाम है। श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र यह मंदिर कत्यूरी राजाओं द्वारा निर्मित किया गया था। अपने उत्तराखंड आगमन पर यहां अवश्य पधारें।
बैजनाथ मंदिर के महत्व को और बढ़ाने के लिए सरकार ने इसे ‘शिव हेरिटेज सर्किट’ के तहत जोड़ा है, जिससे देशभर से अधिक श्रद्धालु इस स्थान की ओर आकर्षित होंगे। इसके अलावा, बैजनाथ मंदिर की स्थापत्य कला और सांस्कृतिक धरोहर भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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बागेश्वर में 16 दिन से लापता अधिवक्ता का मिला शव, रहस्यमयी मौत से उठे कई सवाल

Bageshwar News : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पिछले 16 दिनों से लापता चल रहे वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व नगरपालिका सभासद धीरेंद्र सिंह परिहार का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मंगलवार को नगर से बाहर थुणाई के पास गोमती नदी किनारे उनका शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। घटना के बाद परिजनों और अधिवक्ता समाज में शोक की लहर है।
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बागेश्वर में 16 दिन से लापता अधिवक्ता का मिला शव
जानकारी के मुताबिक, 35 वर्षीय धीरेंद्र परिहार 17 अक्टूबर से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता थे। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। इसके बाद उनकी मां नंदी परिहार ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस से बेटे को खोजने की गुहार लगाई थी।
CCTV फुटेज खंगालने के बाद भी नहीं मिला सुराग
पुलिस ने उनकी तलाश के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और कई स्तरों पर खोजबीन की। इसी दौरान नुमाइशखेत क्षेत्र में कुछ सीसीटीवी कैमरों के तार काटने और कैमरों को नुकसान पहुंचाने की घटना भी सामने आई थी। इससे मामले को लेकर कई सवाल उठने लगे थे।

सोमवार को सड़क पर उतरे थे परिजन और स्थानीय लोग
धीरेंद्र परिहार का कोई पता नहीं चलने पर सोमवार को परिजनों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने एसबीआई तिराहे पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया था। विधायक पार्वती दास भी आंदोलन में शामिल हुई थीं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से जल्द तलाश पूरी करने और मामले का खुलासा करने की मांग की थी।
गोमती नदी किनारे मिला शव, जांच में जुटी पुलिस
मंगलवार को थुणाई के समीप नदी किनारे शव मिलने की सूचना पर पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। खोजबीन के बाद शव बरामद किया गया। फिलहाल धीरेंद्र परिहार की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने पूरे बागेश्वर में शोक और कई अनसुलझे सवाल छोड़ दिए हैं।
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बागेश्वर में रिश्तों का कत्ल, भतीजे ने चाचा-चाची की हत्या की, डबल मर्डर से इलाके में मची सनसनी

Bageshwar News : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। गरुड़ तहसील के नर्गवाड़ी गांव में एक युवक पर अपने चाचा और चाची की लोहे की रॉड से हमला कर हत्या करने का आरोप है। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंची परिवार की बहू पर भी आरोपी ने हमला कर दिया, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
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शराब की लत और विवाद से परेशान था परिवार
बताया जा रहा है कि आरोपी गोविंद वल्लभ खोलिया शराब पीने का आदी बताया जा रहा है। आरोप है कि वह अक्सर नशे की हालत में घर पहुंचकर गाली-गलौज और विवाद करता था। उसकी इन हरकतों से परिवार के लोग काफी समय से परेशान थे।
बताया जा रहा है कि करीब पांच से छह महीने पहले भी परिवार की ओर से उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले भी आरोपी के व्यवहार को लेकर शिकायत की गई थी।
पहले चाची, फिर चाचा पर किया हमला
बताया जा रहा है कि रविवार देर रात आरोपी ने नशे की हालत में घर में फिर से विवाद शुरू कर दिया। इस दौरान उसने सबसे पहले ऊपरी कमरे में मौजूद अपनी चाची भगवती देवी (54) पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इसके बाद वह नीचे के कमरे में पहुंचा और अपने चाचा पूरन चंद्र खोलिया (58) को भी बुरी तरह पीट दिया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
चीख-पुकार सुनकर पूरन चंद्र के बेटे की बहू दर्शनी देवी उन्हें बचाने के लिए मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि आरोपी ने उन पर भी लोहे की रॉड से तीन से चार वार किए। अपनी और अपनी छोटी बच्ची की जान बचाने के लिए दर्शनी देवी एक कमरे में बंद हो गईं। बाद में वह दूसरे रास्ते से बाहर निकलने में सफल रहीं। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।

चाचा-चाची की मौत, बहू का अस्पताल में इलाज जारी
वारदात के बाद आरोपी तीनों घायलों को वहीं छोड़कर फरार हो गया। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ ले गई। वहां चिकित्सकों ने भगवती देवी और पूरन चंद्र को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल दर्शनी देवी का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस की चार टीमें
बैजनाथ के कोतवाल कैलाश नेगी के अनुसार, घटना के बाद से आरोपी गोविंद वल्लभ खोलिया फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चार विशेष टीमों का गठन किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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उत्तराखंड में फिर डोली धरती, बागेश्वर में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 2.8 रही तीव्रता

Bageshwar News : उत्तराखंड में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस बार कुमाऊं मंडल के बागेश्वर जिले में धरती हिली। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.8 दर्ज की गई। इससे पहले 25 अक्टूबर को पिथौरागढ़ जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
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बागेश्वर में महसूस किए गए भूकंप के झटके
बागेश्वर में आए भूकंप की गहराई जमीन से करीब 5 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। झटके महसूस होने के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। जिला प्रशासन ने स्थिति का जायजा लेते हुए तहसीलों और ग्राम सभाओं से जानकारी जुटाई।
कम गहराई वाले भूकंप से बढ़ती है चिंता
उत्तराखंड में भूकंप की गतिविधियों के पीछे भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच होने वाली हलचल एक प्रमुख कारण है। बागेश्वर में भूकंप की गहराई 5 किलोमीटर दर्ज की गई, जबकि 25 अक्टूबर को पिथौरागढ़ में आए भूकंप की गहराई 11 किलोमीटर बताई गई थी। दोनों की गहराई 15 किलोमीटर से कम थी।

कम गहराई पर आने वाले भूकंप सतह के नजदीक होने के कारण कुछ परिस्थितियों में अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, केवल भूकंप की गहराई के आधार पर बड़े नुकसान की आशंका या उसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
हिमालयी क्षेत्र में बड़े भूकंप की आशंका
वैज्ञानिक अध्ययनों में हिमालयी क्षेत्र में भविष्य में बड़े भूकंप की संभावना पर चिंता जताई जाती रही है। वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों के अध्ययन के हवाले से हिमालयी क्षेत्र में 7.5 से 8 मैग्नीट्यूड तक के भूकंप की आशंका का उल्लेख किया गया है। हालांकि, भूकंप कब और किस स्थान पर आएगा, इसका सटीक पूर्वानुमान फिलहाल संभव नहीं है।
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