Dehradun
देहरादून में हाईटेक कंट्रोल सेंटर की शुरुआत, जानिए शहर को क्या होंगे बड़े फायदे

देहरादून: नगर निगम देहरादून ने शहर की सफाई व्यवस्था को और पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब नगर निगम के 100 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले वाहनों की मनमानी नहीं चल पाएगी। इन वाहनों की लोकेशन और गतिविधि पर अब सीधे नज़र रखी जाएगी, और इसके लिए एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) की शुरुआत की गई है।
इस कंट्रोल रूम का उद्घाटन शुक्रवार को मेयर सौरभ थापरियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल ने किया। इस सेंटर से न सिर्फ कूड़ा उठान वाहनों पर निगरानी होगी, बल्कि शहर की प्रमुख 54 जगहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रखी जाएगी, जहां पर लोग खुले में कूड़ा डालते हैं। अगर कोई व्यक्ति खुले में कूड़ा फेंकता हुआ कैमरे में दिखा, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि फिलहाल नगर निगम के पास 284 डोर-टू-डोर कूड़ा उठान वाहन हैं, जिनकी रियल टाइम मॉनिटरिंग इसी कंट्रोल सेंटर से की जाएगी। इसके अलावा 50 ट्रैक्टर-ट्रॉली और फॉगिंग करने वाले वाहनों को भी जीपीएस सिस्टम से ट्रैक किया जाएगा। इतना ही नहीं, सहस्त्रधारा और शीशमबाड़ा ट्रंचिंग ग्राउंड पर भी अब कंट्रोल रूम से सीधी नजर रखी जाएगी।
इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाने का उद्देश्य यह है कि पहले अलग-अलग टीमों और ग्रुप के जरिए जिन कामों की मॉनिटरिंग होती थी – जैसे डोर-टू-डोर कूड़ा उठान, फॉगिंग, जलभराव रोकने के लिए वाटर लॉगिंग की निगरानी और आपदा प्रबंधन – अब सब कुछ एक ही पटल पर देखा और संचालित किया जा सकेगा। नगर निगम ने 100 वार्डों को 43, 26 और 25 के तीन ग्रुप में बांट रखा था, जिनमें अलग-अलग कंपनियां सफाई का काम कर रही थीं, जिसे प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) के माध्यम से मॉनिटर किया जाता था। लेकिन उसमें कई खामियां सामने आईं, जिसके बाद ये नई व्यवस्था लागू की गई है।
नगर निगम का मानना है कि इस नई तकनीकी पहल से शहर में सफाई व्यवस्था न सिर्फ और बेहतर होगी, बल्कि गंदगी फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई संभव होगी। इससे शहर में खुले में कूड़ा डालने की घटनाओं पर भी लगाम लगेगी, और देहरादून को और स्वच्छ बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित होगा।
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Dehradun Accident: हर्रावाला में तेज रफ्तार कार ने मासूम को रौंदा, CCTV में कैद पूरी घटना

Dehradun Accident: सड़क किनारे खड़े मासूम को कार ने मारी टक्कर, आरोपी चालक फरार
Dehradun Accident : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र से सड़क हादसे की एक रूह कंपकंपा देने वाली खबर सामने आई है. जहाँ पर एक तेज़ रफ़्तार वाहन ने मासूम को सड़क पर रौंद दिया है, जिससे मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है. पूरी घटना का वीडियो सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया था, जो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से फ़ैल रहा है.
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सीसीटीवी में कैद घटना, मासूम की दर्दनाक मौत
देहरादून के हर्रावाला में नाक्रोंदा क्षेत्र में एक तेज़ रफ़्तार कार ने सड़क पर एक मासूम को रौंद दिया. इस हादसे में मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है. हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है. इस पूरी घटना का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए.
कार चालक मौके से फरार
वायरल वीडियो साफ़ देखा जा सकता है कि मासूम बच्चा सड़क के किनारे पर था. मासूम सड़क पर अकेला था, तभी एक अनियंत्रित वाहन (कार) उसे अपनी चपेट में लेते हुए बेरहमी से रौंद डाला. चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. पुलिस के मुताबिक चालक ही बच्ची को अस्पताल ले गया था.

स्थानीय लोगों में आक्रोश, आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
इस दर्दनाक घटना के बाद नकरौंदा क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. गुस्साए स्थानीय निवासियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में तेज रफ्तार से दौड़ने वाले वाहनों के कारण आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और रिहायशी क्षेत्रों में वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए.
Dehradun
करोड़ों खर्च होने के बाद भी बेअसर देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना, CAG रिपोर्ट ने उठाए सवाल !

Dehradun News : देहरादून में चल रहे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कामों को लेकर CAG की रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। जिसे लेकर अब प्रदेश में राजनीति तेज हो चली है।
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कैग रिपोर्ट में देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर उठे सवाल
विधानसभा के बजट सत्र में कैग रिपोर्ट पेश की गई। इस रिपोर्ट में देहरादून की स्मार्ट सिटी परियोजना को कई सवाल उठाए गए हैं। आपको बता दें कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत देहरादून का चयन जून 2017 में किया गया था और उत्तराखंड से इस प्रोजेक्ट में शामिल होने वाला ये एकमात्र शहर है ।
देहरादून के लिए इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 1000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे । 17 से 23 के बीच इसमें से 737 करोड़ रुपये जारी किए गए, लेकिन मात्र 634 करोड़ रुपये ही खर्च किए जा सके, जिससे स्पष्ट है कि स्वीकृत राशि का पूरा उपयोग नहीं हो पाया।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल
कैग की इस रिपोर्ट में वर्ष 2018 से 2023 के बीच लागू की गई 22 परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया, जिसमें अधिकांश योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक दून इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के तहत ई-गवर्नेंस समाधान में शामिल बायोमेट्रिक और सेंसर आधारित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉड्यूल प्रभावी रूप से काम नहीं कर पाया, जिससे लगभग 4.5 करोड़ रुपये बेकार चले गए। वहीं स्मार्ट अपशिष्ट वाहन परियोजना के तहत नब्बे लाख से खरीदे गए ई-रिक्शा भी उपयोग में नहीं लाए गए।
इसके अलावा स्मार्ट स्कूल परियोजना भी सफल नहीं हो पाई । देहरादून के तीन सरकारी स्कूलों में लगाए गए इंटरैक्टिव बोर्ड, कंप्यूटर लैब, प्रोजेक्टर और सीसीटीवी बिजली बिल के खर्च के कारण निष्क्रिय पड़े रहे, क्योंकि स्कूल इस खर्च को वहन नहीं कर सके ।
परियोजनाओं में अधूरे कार्यों के बावजूद पूरा भुगतान
रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि पर्यावरण सेंसरों पर खर्च किए गए दो करोड़ 62 लाख रुपये और मल्टी यूटिलिटी डक्ट पर 3 करोड़ 24 रुपये का खर्च भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाया । कुछ परियोजनाओं में अधूरे कार्यों के बावजूद पूरा भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे 5 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितताएं पाई गईं ।
यही नहीं देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड कार्यदायी संस्था से 19 करोड़ रुपए की वो राशि भी वसूलने में विफल रही, जिसका उपयोग नहीं हुआ था। वित्तीय कुप्रबंधन के कारण स्मार्ट सिटी परियोजना को करीब 6 करोड़ रुपये के ब्याज का भी नुकसान उठाना पड़ा।
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देशभर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर संकट, देहरादून में कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक

Dehradun News : मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के कारण देश में गैस संकट गहराता जा रहा है। लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इसी बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। देहरादून में कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है।
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देशभर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर संकट
ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद दुनिया के कई देशों में गैस, पेट्रोल और डीजल की कमी हो रही है। भारत में भी गैस की किल्लत सामने आ रही है। इसी बीच सरकार ने Essential Commodities Act, 1955 यानी आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है।
देहरादून में कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक
देशभर में हो रही गैस की किल्लत के बीच देहरादून में करीब दो दिन का बैकलॉग हो गया है। जिस कारण देहरादून में कमर्शियल गैस सिलिंडरों की सामान्य आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। जानकारी के मुताबिक गैस एजेंसियों को कमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई केवल आवश्यक सेवाओं को ही दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके तहत शहर के अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ही प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आवश्यक सेवाएं बाधित न हों। वहीं, होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी। ऐसे में व्यापार से जुड़े लोगों की परेशानियां बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बुकिंग नंबर भी ठीक से नहीं कर रहा काम
शहर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर संकट के बीच लोगों को बुकिंग करने में दिक्कत हो रही है। बुकिंग नंबर भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। जिस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और अनावश्यक गैस की बुकिंग न करने की अपील की है।
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