Rudraprayag
केदारनाथ यात्रा में स्वास्थ्य विभाग एएलएस एम्बुलेंस का करेगा संचालन, यात्रा में गंभीर बीमार…घायल को मिलेगी सुविधा।

रुद्रप्रयाग – जल्द ही केदारनाथ यात्रा में स्वास्थ्य विभाग एएलएस एम्बुलेंस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) का संचालन करेगा। इस एम्बुलेंस के संचालन से गंभीर बीमार व घायल का कम से कम समय में उचित इलाज कर जान बचाई जा सकेगी। यह पहला मौका है, जब यात्रा में एएलएस का संचालन होगा।

समुद्रतल से 11750 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ में पलपल बदलता मौसम यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनता है। यहां ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से कई यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत से वेचैनी होती है और सीने में दर्द की शिकायत होती है। ऐसे यात्रियों को कम से कम समय में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए इस बार एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस संचालित की जाएगी।
केदारनाथ व पैदल मार्ग पर अगर, किसी यात्री या यात्रा ड्यूटी पर तैनात कर्मी की तबियत खराब होती है तो उसे तत्काल एयर लिफ्ट कर सोनप्रयाग या फाटा हेलिपैड भेजा जाएगा। जहां हाईवे पर एएलएस में उसका इलाज किया जाएगा। इस एम्बुलेंस की मदद से मरीज को नजदीकी अस्पताल या हायर सेंटर पहुंचाने में आसानी होगी।
जीवन रक्षक उपकरणों से लैस इस एम्बुलेंस की मदद से मरीजों की जान बचाई जाती है। इस एम्बुलेंस में वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर के साथ ही जरूरी दवाएं होती हैं। साथ ही प्रशिक्षित मेडिकल टैक्नीशियन तैनात होता है। एएलएस में सबसे अधिक स्टोक से जुड़े मामलों के मरीजों का इलाज किया जाता है।
केदारनाथ यात्रा में इस बार स्वास्थ्य विभाग को डीफ्रीजर मोर्चरी वैन की सुविधा भी मिलेगी। इस वैन से शवों को ले जाने में मदद मिलेगी। ऐसे में बर्फ की जरूरत नहीं होगी।
केदारनाथ यात्रा में स्वास्थ्य विभाग रोटेशन के आधार पर 16-16 चिकित्सकों की तैनाती करेगा। इस बार, केदारनाथ में फिजीशियन और सोनप्रयाग में आर्थोपैडिक विशेषज्ञ तैनात किया जाएगा। इसके अलावा गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर 14 मेडिकल रिलीफ पोस्ट भी संचालित की जाएंगी, जिसमें यात्रियों के प्राथमिक उपचार की सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही ऑक्सीजन की सुविधा प्राथमिकता से मुहैया कराई जाएगी।
केदारनाथ यात्रा के लिए केदारनाथ में स्वास्थ्य विभाग विवेकानंद ट्रस्ट के साथ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। वहीं सोनप्रयाग में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जाएगा। यहां पर चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टॉफ तैनात रहेगा। यहीं पर यात्रियों की जांच कर उन्हें आगे भेजा जाएगा। इसके अलावा जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग, सीएचसी अगस्त्यमुनि, एलोपैथिक चिकित्सालय गुप्तकाशी और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फाटा में भी यात्रियों के इलाज की प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। शवों के पोस्टमार्टम की सभी कार्रवाई जिला चिकित्सालय में होंगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी रुद्रप्रयाग डा. हरीश चंद्र सिंह मार्तोलिया ने बताया कि केदारनाथ यात्रा में इस बार एएलएस एम्बुेंलस संचालित की जाएगी। जल्दी ही यह एम्बुलेंस हमें उपलब्ध हो जाएगी। इस एम्बुलेंस के मिलने से कई जरूरतमंदों की जान बचाई जा सकेगी। साथ ही यात्रा में प्रत्येक यात्री के सेहत का ख्याल रखने के उद्देश्य से बेहतर से बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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51 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा बाबा केदार का धाम, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट

Kedarnath Yatra 2026 : केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। पूरे केदारपुरी को आकर्षक फूलों से सजाया जा रहा है। जिससे नजारा और भी भव्य नजर आ रहा है।
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51 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा बाबा केदार का धाम
बाबा केदार के धाम केदारनाथ के कपाट खुलने में अब बस एक दिन ही दिन का समय बचा है। इस से पहले धाम को संजाया जा रहा है। इस साल 51 क्विंटल फूलों से धाम की सजावट की जा रही है।
बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली रविवार को फाटा में विश्राम करने के बाद आज गौरीकुंड पहुंचने वाली है। डोली अपने तय पड़ावों से होते हुए धीरे-धीरे धाम की ओर बढ़ रही है, और रास्ते भर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी पंचमुखी डोली
गौरीकुंड में डोली के भव्य स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 अप्रैल को पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी।
इसके अगले दिन, यानी 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य पंडित उमेश चंद्र पोस्ती ने बताया कि यात्रा से जुड़ी लगभग सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
होटल और धर्मशालाओं को सजाया जा रहा
केदारपुरी में होटल और धर्मशालाओं को सजाया जा रहा है और यात्रियों के ठहरने के लिए समुचित इंतजाम किए गए हैं। इस बार यात्रा को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और मंदिर समिति ने विशेष तैयारियां की हैं, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उनकी यात्रा सुगम रहे।
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तुंगनाथ और मध्यमहेश्वर के कपाट खुलने की तिथि की हुई घोषणा, इस दिन से कर पाएंगे दर्शन

Rudraprayag News : द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथियों की घोषणा कर दी गई है। आज वैसाखी के पावन पर्व पर कपाट खुलने की तारीखों का ऐलान किया गया।
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तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि की हुई घोषणा
तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोल दिए जाएंगे। आज भगवान तुंगनाथ के पुजारी विजय भारत मैठाणी व मंदिर समिति ग्रामीणों की उपस्थिति में वैसाखी के पावन पर्व पर कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की गई। बता दें कि 20 अप्रैल को भगवान की चल विग्रह डोली शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कू से अपनी यात्रा शुरू करेगी। यात्रा के दौरान पुंडखी में भोग अर्पित किया जाएगा और रात्रि विश्राम भूतनाथ मंदिर में होगा।

21 अप्रैल भूतनाथ मंदिर से रवाना होगी डोली
21 अप्रैल को डोली सुबह लगभग 11 बजे भूतनाथ मंदिर से आगे बढ़ेगी। ये यात्रा पाब गांव, चलियाखोड़ और बनियाकुंड होते हुए अपने दूसरे पड़ाव चोपता पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। 22 अप्रैल को डोली सुबह 8 बजे चोपता से प्रस्थान कर ग्रीष्मकालीन गद्दी स्थल तुंगनाथ धाम पहुंचेगी। यहां पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी, जिसके बाद मंदिर के कपाट सुबह 11 बजे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।

21 मई को खोल दिए जाएंगे मध्यमहेश्वर धाम के कपाट
तुंगनाथ के साथ ही आज द्वितीय केदार मध्यमहेश्वर के कपाट खुलने की तिथि का भी ऐलान किया गया। पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में आज मध्यमहेश्वर धाम के कपाट खोलने की तारीख की घोषणा हुई। इस साल 21 मई को मध्यमहेश्वर धाम के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे।
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बैसाखी के पावन पर्व पर खुले मां गौरामाई मंदिर के कपाट, सैंकड़ों श्रद्धालु बने इस पल के साक्षी

Rudraprayag News : गौरीकुंड स्थित गौरामाई मंदिर के खुले कपाट, छह महीने यहीं दर्शन देंगी मां गौरा
Rudraprayag News : आज बैसाखी पर्व के शुभ अवसर पर बाबा केदारनाथ के अंतिम पड़ाव गौरीकुंड स्थित मां Gauramai mandir के कपाट विधिविधानपूर्व खोल दिए गए हैं। इसी के साथ बाबा केदार के धाम की यात्रा की आध्यात्मिक शुरुआत हो गई है।
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बैसाखी के पावन पर्व पर खुले मां गौरामाई मंदिर के कपाट
बैसाखी के पावन पर्व पर गौरामाई मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए गए हैं। बाबा केदारनाथ के अंतिम पड़ाव गौरीकुंड स्थित गौरामाई मंदिर (Gauramai mandir) के कपाट आज सुबह आठ बजे शुभ मुहूर्त में विधिविधान पूर्व खोले गए। इस ऐतिहासिक पल के सैकड़ों श्रद्धालु साक्षी बने।
पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल
गौरामाई मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही पूरा इलाका मां के जयकारों से गूंज उठा। कपाट खुलते ही पूरे क्षेत्र में आस्था और उल्लास का वातावरण बन गया। इस पावन क्षण में लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला।

बता दें कि सुबह गौरी गांव स्थित मां गौरी मंदिर में आचार्य गणों ने पूजा की। जिसके बाद मां गौरामाई की भोग मूर्तियों को कंडी में गौरामाई मंदिर तक लाया गया। जिसके बाद मंदिर के कपाट खोल दिए गए। अब अगले छह महीने तक गौरामाई भक्तों को इसी मंदिर में दर्शन देंगी।
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