Dehradun
अगर आप भी बाजार से खरीदकर ला रहे है मिलावटी दाल…ऐसे करें पहचान।

अगर आप बाजार से दाल खरीदकर लाते हैं। ऐसे में आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। इन दिनों बाजार में मिलावटी दाल तेजी से बिक रही हैं। अगर आप इन मिलावटी दाल का सेवन करते हैं। ऐसे में आपकी सेहत पर कई तरह के बुरे असर पड़ सकते हैं। दाल में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा दाल का सेवन करने पर हमें उच्च मात्रा में प्रोटीन और फाइबर भी मिलता है। ऐसे में डॉक्टर द्वारा हमें नियमित दाल का सेवन करने की सलाह दी जाती है। वहीं अगर आप बाजार से मिलावटी दाल खरीदकर लाते हैं और उसका सेवन करते हैं। ऐसे में आपको कई तरह की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इसी कड़ी में आज इस खबर के माध्यम से उन तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप बाजार में बिकने वाली मिलावटी दाल की पहचान कर सकते हैं।

अगर आप बाजार में अरहर की दाल को खरीदने जा रहे हैं। ऐसे में आप अरहर की दाल का रंग देखकर उसमें की गई मिलावट का पता कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मिलावटी दाल काफी चमकदार होती है।
वहीं जो असली अरहर की दाल होती है। उसका रंग प्राकृतिक होता है। यह देखने में ज्यादा चमकदार नहीं होती है। आप मिलावटी दाल की पहचान उनके आकार को देखकर भी कर सकते हैं।
आपको बता दें कि जो असली दाल होती है। उनका आकार एक जैसा होता है। वहीं जो मिलावटी या कहें नकली दाल होती है। उनका आकार अलग-अलग तरह का होता है।
आप मिलावटी दाल की पहचान उसकी गंध से भी कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि असली दाल की खुशबू प्राकृतिक होती है। वहीं जो मिलावटी दाल होती है। उसकी गंध अजीब या रासायनिक होती है।
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आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी, 4 साल में डेढ़ गुना बढ़ी GSDP, कई सेक्टर में रिकॉर्ड प्रगति

Uttarakhand Economic Survey : आगामी बजट की तैयारी के बीच उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष आर्थिक सर्वेक्षण को अधिक पेशेवर और व्यापक बनाने के लिए नई पहल की है।
नियोजन विभाग द्वारा हर साल कराए जाने वाले आर्थिक सर्वेक्षण को इस बार बाहरी विशेषज्ञ संस्था के सहयोग से तैयार किया गया है, ताकि राज्य की आर्थिक प्रगति का अधिक सटीक आकलन किया जा सके और बजट निर्माण के लिए स्पष्ट दिशा मिल सके।
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उत्तराखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी
राज्य की प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने प्रेस वार्ता में बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण किसी भी वित्तीय वर्ष में विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का समग्र आकलन प्रस्तुत करता है। इसके आधार पर सरकार यह तय करती है कि आने वाले बजट में किन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना है और विकास की दिशा क्या होगी।
उन्होंने कहा कि पिछले साल से आर्थिक सर्वेक्षण के प्रमुख संकेतकों को साझा करने के लिए बजट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की परंपरा शुरू की गई है, जैसा कि केंद्र सरकार में मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा किया जाता है।
कई सेक्टर में दर्ज की गई रिकॉर्ड प्रगति
डॉ. सुंदरम ने बताया कि पहले आर्थिक सर्वेक्षण पूरी तरह विभागीय स्तर पर ही तैयार किया जाता था। जिसमें अर्थशास्त्र और सांख्यिकी विभाग की टीम काम करती थी। लेकिन इस बार गुणवत्ता और पेशेवर दृष्टिकोण को मजबूत करने के उद्देश्य से National Council of Applied Economic Research को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया। यह संस्था भारत सरकार से संबद्ध एक प्रमुख आर्थिक शोध संगठन है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष का आर्थिक सर्वेक्षण एक संयुक्त प्रयास के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें एनसीएईआर और राज्य के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग की टीम ने मिलकर काम किया है। सर्वेक्षण में राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास दर, विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धियों और चुनौतियों से जुड़े प्रमुख आंकड़े शामिल किए गए हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण की बजट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका
प्रमुख सचिव ने बताया कि सर्वेक्षण की प्रमुख निष्कर्षों और आंकड़ों को सार्वजनिक किया जा रहा है। जिससे सरकार की नीतियों और बजट की प्राथमिकताओं को समझने में मदद मिलेगी। ये दस्तावेज वित्त विभाग के लिए एक मार्गदर्शक की तरह काम करता है और आने वाले बजट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

चार साल में डेढ़ गुना बढ़ी GSDP
- 1. उत्तराखंड में 2022 के मुकाबले जीएसडीपी बढ़कर 2.54 लाख करोड़ से 3.81 लाख करोड़ से अधिक हो गई है।
- 2. राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1.94 लाख रुपये से बढ़कर करीब 2.73 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
- 3.उत्तराखंड में गरीबी दर 9.7% से घटकर 6.92% रह गई है।
- 4. राज्य में MSME इकाइयों की संख्या 59 हजार से बढ़कर 79 हजार से अधिक हो गई है।
- 5. MSME सेक्टर के विस्तार से करीब साढ़े चार लाख लोगों को रोजगार मिला है।
- 6. उत्तराखंड में बड़े उद्योगों की संख्या 107 से बढ़कर 128 हो गई है।
- 7. राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ा है, 2022 के 702 स्टार्टअप अब बढ़कर करीब 1750 हो गए हैं।
- 8. पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड में लगभग 885 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया गया है।
- 9. राज्य में सोलर ऊर्जा उत्पादन 439 मेगावाट से बढ़कर 1027 मेगावाट तक पहुंच गया है।
- 10. उत्तराखंड में चावल, दूध और मछली उत्पादन में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही राज्य की जीएसडीपी में सबसे बड़ा योगदान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का है, जिसकी हिस्सेदारी करीब 26.02% है।
Dehradun
Dehradun: फल खरीदने को लेकर दो समुदाय आमने-सामने, माहौल तनावपूर्ण

फलों की बिक्री को लेकर दो पक्षों में तनाव, पुलिस ने किया मामला शांत, मुकदमा दर्ज
Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के नगर कोतवाली के गांधी ग्राम क्षेत्र में बुधवार शाम दो गुटों के बीच फलों की बिक्री को लेकर विवाद हो गया. पहले बोलचाल और गाली-गलौज के बाद हाथापाई शुरू होने लगी. इतने में दोनों पक्षों के लोग मौके पर इकठा होने लगे जिस से स्थिति और भी तनाव पूर्ण हो गई. घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया.
मुख्य बिंदु
देहरादून में फलों की बिक्री को लेकर विवाद
जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम को देहरादून के गांधी ग्राम क्षेत्र में एक ठेली से एक लड़की ने फल खरीदे थे. जिनमें से कुछ फल खराब निकले. इसके बाद एक युवक फल वापस करने आया और विक्रेता बुजुर्ग महिला के साथ गली गौलौज करने लगा. आरोप है कि युवक ने फल काटकर महिला के ऊपर फेंके और उनसे मारपीट की.
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फल विक्रेता बुजुर्ग महिला से मारपीट
इसके बाद मौके पर स्थानीय लोगों समेत दोनों पक्षों के लोग मौके पर भारी संख्या में इकट्ठे हो गए. मौके पर बढ़ती भीड़ से टकराव की स्थिति बन गई. जिसके बाद घटना की सूचना मिलने पर लक्ष्मण चौक, चौकी और कोतवाली नगर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराकर स्थिति को नियंत्रित किया.

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सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने बताया कि
सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने बताया कि बुधवार शाम चौकी लक्ष्मण चौक को सूचना मिली कि गांधी ग्राम क्षेत्र में फलों की बिक्री को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया है. इसके बाद गाली-गलौज और झगड़े की स्थिति बन गई. सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. इस दौरान दोनों पक्ष अलग-अलग समुदाय के होने के कारण दोनों समुदायों के कई लोग भी वहां एकत्र हो गए थे, जिससे माहौल संवेदनशील हो गया.
हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को शांत कराया. वहीं पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
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राज्यपाल गुरमीत सिंह ने दी होली की बधाई, कहा- ये पर्व उमंग और आपसी प्रेम का त्यौहार

Happy Holi : देशभर में होली की धूम मची हुई है। रंगों, गुलाल और हंसी-खुशी के साथ लोग आपसी गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगा रहे हैं। गलियों से लेकर चौपालों तक, ढोल-नगाड़ों की थाप और रंगों की बौछार के बीच उल्लास का माहौल है।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने दी होली की बधाई
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सभी को रंगों के उत्सव होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा है कि रंग, उमंग और आपसी प्रेम का ये अनुपम पर्व हम सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और उल्लास का संचार करे। ये होली आपके घर-आँगन को खुशियों के रंगों से भर दे, यही मंगलकामना है।
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