Trending
श्री अमरनाथ यात्रा आज से हुई शुरू, बम-बम भोले, जय बाबा बर्फानी, भूखे को अन्न, प्यासे को पानी…नारे लगाते हुए पहले जत्थे में शामिल तीर्थयात्रियों ने यात्रा की शुरुआत।

जम्मू कश्मीर – आखिर आज वो घड़ी आ ही गई, जिसका बाबा बर्फानी के भक्तों का बड़ी बेसब्री के साथ इंतजार था। शनिवार को बड़े जोश और उत्साह के साथ पहलगाम और बालटाल आधार शिविर से बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा की ओर यात्रा की शुरुआत हुई। भोर से पहले ही भक्त ने यात्रा की तैयारी शुरू कर दी थी।

एकसाथ बम-बम भोले, जय बाबा बर्फानी, भूखे को अन्न, प्यासे को पानी… आदि नारे लगाते हुए पहले जत्थे में शामिल तीर्थयात्रियों ने अपनी यात्रा की शुरुआत की।






हमें आतंकवाद का डर नहीं है। बाबा बर्फानी के पास पहुंचकर उनका आशीर्वाद पाएंगे। भोलेनाथ विकट परिस्थितियों में भी भक्तों की लाज रखते हैं। उन्हीं की कृपा से आज जम्मू-कश्मीर के हालात अलग हैं। यह कहना था अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे में रवाना हुए श्रद्धालुओं का। आधार शिविर भगवती नगर में श्रद्धालुओं ने तिरंगों को लहराते हुए भोले बाबा का गुणगान किया।


Dehradun
DEHRADUN NEWS: 2 साल तक पुलिस रही नाकाम, माँ ने खुद ढूंढ निकाला बेटे का कातिल!

2 साल तक भटकती रही माँ, पुलिस नहीं कर पाई जांच… फिर खुद ढूंढ लाई बेटे का कातिल!
DEHRADUN NEWS: देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो सिस्टम पर सवाल खड़े करती है. साल 2024 में 18 वर्षीय क्षितिज चौधरी की एक तेज रफ्तार डंपर से कुचलकर मौत हो गई थी, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी न आरोपी पकड़ा गया और न ही पुलिस किसी ठोस नतीजे तक पहुंच पाई. इस दौरान मृतक की मां इंसाफ के लिए दर-दर भटकती रही.
मुख्य बिंदु
क्या है पूरा मामला- क्षितिज चौधरी एक्सीडेंट
15-16 फरवरी 2024 की रात क्षितिज अपने दोस्त के साथ प्रेमनगर क्षेत्र में पैदल जा रहा था, तभी पीछे से आए डंपर ने उसे कुचल दिया. हादसे के बाद करीब 45 मिनट तक वो सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन न समय पर एंबुलेंस पहुंची और न ही पुलिस. बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया और फिर एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां 17 फरवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
पढ़ें ये भी- पौड़ी मर्डर केस: पोकलैंड से युवक की हत्या कर फरार आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार
पढ़ें ये भी- DEHRADUN MURDER CASE: ब्रिगेडियर जोशी मर्डर केस में पुलिस को बड़ी सफलता, सभी 10 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, माँ पहुँच गई आरोपी तक
19 फरवरी 2024 को मृतक की मां ललिता चौधरी ने केस दर्ज कराया, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी. आरोप है कि पुलिस ने जब डंपर का नंबर मांगा, तो मां ने खुद सीसीटीवी फुटेज खंगालकर वाहन की पहचान की. पुलिस के हाथ खाली रहने पर मां ने खुद ही जांच की कमान संभाली और आखिरकार 2 साल बाद आरोपी डंपर चालक तक पहुंच गई.

क्षितिज चौधरी एक्सीडेंट मामले में जांच के आदेश
मूल रूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली ललिता चौधरी पिछले कई वर्षों से अकेले अपने बच्चों की परवरिश कर रही थीं. बेटे की मौत के बाद अब वह इंसाफ के लिए संघर्ष कर रही हैं. मामले में प्रमेंद्र डोभाल ने संज्ञान लेते हुए केस को दोबारा जांच के लिए रेफर कर दिया है और कोर्ट में री-इन्वेस्टिगेशन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
Dehradun
UKSSSC एक बार फिर सवालों के घेरे में, परीक्षा किट की टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप
UKSSSC TENDER विवाद: पारदर्शिता पर सवाल, जांच की मांग तेज
UKSSSC TENDER: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए परीक्षा किट की आपूर्ति से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह गहराता जा रहा है और जांच की मांग तेज हो गई है.
मुख्य बिंदु
UKSSSC पर टेंडर निरस्त करने पर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक, ये टेंडर 15 सितंबर 2025 को UKTENDER पोर्टल के माध्यम से जारी किया गया था. स्कीमेटिक्स माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के मालिक आदित्य मंगल का कहना है कि शुरुआती चरण में केवल उनकी कंपनी ने ही बिड डाली थी. इसके बाद आयोग द्वारा टेंडर को निरस्त कर दोबारा जारी किया गया. हैरानी की बात यह है कि इस प्रक्रिया को एक-दो नहीं बल्कि कुल चार बार रद्द कर फिर से खोला गया, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप
आदित्य मंगल ने आरोप लगाया कि बार-बार टेंडर निरस्त करने के बाद उनकी कंपनी को प्रक्रिया से अयोग्य घोषित कर दिया गया. इसके बाद दिल्ली की एक कंपनी को टेंडर में शामिल कर अंतिम रूप से कार्य आवंटित कर दिया गया. उनका दावा है कि यह सब एक सुनियोजित तरीके से किया गया, ताकि बाहरी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा सके. साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कंपनियों को गलत दस्तावेजों के आधार पर क्वालीफाई किया गया और MSME व EMD से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई.

कीमत में भारी अंतर, निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को और गंभीर बनाते हुए आदित्य मंगल ने दावा किया कि जिस परीक्षा किट की वास्तविक कीमत करीब 350 रुपये होनी चाहिए थी, उसे कथित रूप से बढ़ाकर 5000 रुपये तक दिखाया जा रहा है, जो बड़े स्तर पर लागत बढ़ाने (Cost Inflation) की ओर इशारा करता है. उन्होंने ये भी बताया कि जब उन्होंने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, तो उनकी शिकायत तक नहीं ली गई.
मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग
उन्होंने पूरे मामले में शासन से अपनी कुछ मांगें रखी हैं. उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, जांच को सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (CVC) या किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने और दोषी अधिकारियों व संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. अब देखना होगा कि आयोग या शासन स्तर से इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है.
Dehradun
DEHRADUN MURDER CASE: ब्रिगेडियर जोशी मर्डर केस में पुलिस को बड़ी सफलता, सभी 10 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

देहरादून: ब्रिगेडियर हत्याकांड में 10वां आरोपी गिरफ्तार
DEHRADUN MURDER CASE: देहरादून के राजपुर क्षेत्र में हुए रिटायर्ड ब्रिगेडियर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस सनसनीखेज मामले में शामिल सभी 10 आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। सभी अभियुक्तों को हत्या की धाराओं में न्यायालय से रिमांड पर लिया गया है।
मुख्य बिंदु
30 अप्रैल को हुई थी रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या
दरअसल, 30 मार्च 2026 की सुबह जोहड़ी गांव में फायरिंग की घटना के दौरान मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी को गोली लग गई थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना राजपुर में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस केस में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) सहित अन्य धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई में 9 आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, एक अन्य आरोपी वैभव कुमार घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार तलाश में जुटी हुई थीं और विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही थी।
रविवार को फरार आरोपी वैभव गिरफ्तार
जिसके बाद अब पुलिस ने 5 अप्रैल को फरार आरोपी वैभव कुमार को राजपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हरियाणा के यमुनानगर जिले का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, अब इस मामले में शामिल सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और सभी के खिलाफ हत्या की धाराओं में कार्रवाई जारी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
Cricket15 hours agoGT vs RCB Dream11 Team Match 42 Ipl 2026 : गुजरात टाइटंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, IPL 2026 मैच 42 – प्लेइंग 11, पिच रिपोर्ट और फैंटेसी क्रिकेट टिप्स…
big news13 hours agoउत्तरकाशी में दो प्राइमरी स्कूलों के प्रधानध्यापक सस्पेंड, 1 PT टीचर भी निलंबित, धनराशि गबन के हैं आरोप
big news16 hours agoसितारगंज में तेज रफ्तार का कहर, ओवरटेक के दौरान कार ने ई रिक्शे को मारी टक्कर, 2 बहनों की मौत
big news12 hours agoलालकुंआ में जंगली हाथी के हमले में दो लोगों की मौत, इलाके में दहशत का माहौल
big news18 hours agoविधानसभा के विशेष सत्र में पास हुआ निंदा प्रस्ताव, अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गई सदन की कार्रवाई
big news11 hours agoहरिद्वार में जिला योजना समिति की बैठक में हंगामा, मंत्री के पहुंचते ही विपक्षी विधायकों ने टेबल पर रखी बुकलेट फेंकी…
Cricket10 hours agoBAN-W vs SL-W Dream11 Team 2nd T20I 2026: फैंटेसी प्रेडिक्शन, पिच रिपोर्ट और बेस्ट खिलाड़ी
big news14 hours agoशादीशुदा बेटी के प्यार में पिता बन रहा था रोड़ा, बेटी के प्रेमी ने दोस्त के साथ मिलकर उतार दिया मौत के घाट






































