Champawat
उत्तराखंड: सड़क न बनने से आक्रोशित ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की दी धमकी, सरकार से तत्काल सड़क निर्माण की मांग !

लोहाघाट: चंपावत जिले की लोहाघाट विधानसभा के पाटी-ब्लाक स्थित दूरस्थ ग्राम पंचायत गागर के अनुसूचित बस्ती खोला और ग्राम पंचायत चौड़ागूठ के तोक तोली आज भी सड़क से वंचित हैं, जिस कारण ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। रविवार को इन दोनों तोकों के ग्रामीणों ने गागर में एक बैठक आयोजित की और अपनी समस्या को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।

ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से सड़क की सुविधा की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस बार भी सड़क नहीं बनवाती है, तो वे आगामी चुनाव में वोट नहीं डालेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि दो महीने के भीतर सड़क नहीं बनी, तो वे श्रमदान करके खुद सड़क निर्माण का कार्य शुरू करेंगे।
ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा है। उनका कहना था कि आजादी के 76 साल बाद भी वे सड़क की सुविधा से वंचित हैं। क्षेत्र में 26 परिवारों की 250 से अधिक आबादी खोला तोक में रहती है, जबकि तोली तोक में 25 परिवारों की 250 से अधिक आबादी है। सड़क न होने के कारण तोली तोक से 9 परिवार पलायन कर चुके हैं।
ग्रामीण महेश राम ने बताया कि बीते दिनों वह सड़क पर गिरकर घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें दो बार हल्द्वानी जाना पड़ा और उन्हें डोली से सड़क तक लाया गया।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सरकार हेली सेवा शुरू कर रही है, लेकिन उन्हें अभी भी 3 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर सड़क तक पहुंचना पड़ता है। उन्होंने नेताओं और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की कि चुनाव के समय वे केवल वोट मांगने आते हैं और बड़े वादे कर चले जाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता।
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Uttarakhand
चम्पावत : नाबालिग दुष्कर्म मामले में सनसनीखेज मोड़, पीड़िता ने कबूला- “दोस्त के कहने पर रचा था षड्यंत्र”..

चम्पावत : नाबालिग दुष्कर्म मामले में सनसनीखेज मोड़
उत्तराखंड के चम्पावत जनपद में पिछले कुछ दिनों से चर्चाओं और आक्रोश का केंद्र बने कथित नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी, वह अब पूरी तरह से झूठा और एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा निकला है।
नाबालिग ने खुद खोला राज
मामले में नया मोड़ तब आया जब नाबालिग लड़की ने पुलिस के समक्ष अपने पहले के बयानों को पूरी तरह से नकार दिया। पीड़िता ने स्वीकार किया कि उसके साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ था। उसने स्पष्ट किया कि यह पूरा घटनाक्रम उसके एक दोस्त के उकसावे पर रचा गया एक सुनियोजित षड्यंत्र था।
बिना किसी दबाव के दिए बयान
पुलिस को दिए बयान में नाबालिग ने कहा कि वह यह स्वीकारोक्ति किसी भी बाहरी दबाव, डर या प्रलोभन में आकर नहीं दे रही है, बल्कि पूरे होशो-हवास में सच्चाई सामने ला रही है। उसने स्वीकार किया कि पूर्व में लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार थे।
पुलिस जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच की गई थी। सच्चाई सामने लाने में निम्नलिखित बिंदुओं ने अहम भूमिका निभाई:
- मेडिकल रिपोर्ट: डॉक्टरी परीक्षण में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
- गहन पूछताछ: पुलिस की निरंतर पूछताछ में बयानों में विरोधाभास पाया गया।
- तकनीकी साक्ष्य: अन्य डिजिटल और भौतिक तथ्यों के आधार पर मामले की परतें खुलीं।
अफवाहों पर लगाम लगाने की अपील
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर काफी तीखी प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल रही थी। पुलिस प्रशासन ने अब लोगों से अपील की है कि:
“किसी भी संवेदनशील मामले में बिना तथ्यों की पुष्टि किए अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें प्रसारित करें। इस प्रकार के जल्दबाजी में दिए गए बयान और अफवाहें सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकती हैं।”
संपादन नोट: पुलिस अब उन कारणों की भी जांच कर रही है जिनके तहत इस साजिश को अंजाम दिया गया और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।
Breakingnews
चंपावत में 10वीं की छात्रा से गैंगरेप, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष समेत तीन पर आरोप, निर्वस्त्र हालत में मिली पीड़िता…

Champawat News : चंपावत में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, भाजपा नेता समेत तीन पर लगे आरोप
Champawat News : उत्तराखंड से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां 10वीं की छात्रा से गैंगरेप का मामला सामने आया है। इस मामले के बाद से लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
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चंपावत में 10वीं की छात्रा से गैंगरेप
चंपावत जिला मुख्यालय से झकझोर कर रख देने वाली खबर सामने आई है। यहां 16 साल की नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष, पूर्व ग्राम प्रधान समेत तीन पर आरोप लगे हैं।
भाजपा मंडल उपाध्यक्ष समेत तीन पर आरोप
पीड़िता के पिता द्वारा चम्पावत कोतवाली में दी गई शिकायत के अनुसार, वो अस्वस्थ हैं और उनकी बेटी उन्हें इलाज के लिए गांव से चम्पावत लाई थी। 5 मई 2026 की शाम जब बेटी घर वापस नहीं पहुंची, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद देर रात करीब 1:28 बजे बेटी का फोन आया, लेकिन कुछ ही देर में मोबाइल बंद हो गया।
इसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की सहायता से तलाश अभियान चलाया गया। सुबह लगभग 4 बजे नाबालिग को एक कमरे से बरामद किया गया, जहां उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे और वो निर्वस्त्र हालात में थी। उसे तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाकर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
तहरीर के बाद मामले में मुकदमा हुआ दर्ज
सीओ चंपावत ने मामले की पुष्टि की है। जनमंच टीवी से बात करते हुए उन्होंने बताया कि पिता की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही नाबालिग का जिला चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
Champawat
चंपावत में जनगणना की धीमी रफ्तार पर डीएम सख्त, हर हाल में समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश

Champawat News : राष्ट्रीय जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सुस्ती पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। द्वितीय चरण की प्रगति महज 20 प्रतिशत रहने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए साफ निर्देश दिए कि तय समयसीमा के भीतर हर हाल में लक्ष्य पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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चंपावत में जनगणना की धीमी रफ्तार पर डीएम सख्त
अपर जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भविष्य की दिशा तय करने वाली आधारशिला है।
ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने 25 अप्रैल से शुरू हुए द्वितीय चरण को 24 मई 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
हर हाल में समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश
जिले में तैनात 370 प्रगणकों और 62 सुपरवाइजरों के साथ नगर पालिका क्षेत्रों में लगे 89 प्रगणकों व 19 सुपरवाइजरों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है।

डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर कार्य की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग करें और किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं।
लापरवाही बरतने पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि यदि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या प्रगणक द्वारा लापरवाही बरती गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन तक शामिल है।
डीएम ने आमजन से भी अपील की कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहयोग करें और घर-घर पहुंच रहे प्रगणकों को सही और पूरी जानकारी दें। ताकि भविष्य की योजनाएं सटीक आंकड़ों के आधार पर तैयार की जा सकें।
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