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उत्तराखंड का वर्ष 2022-23 का बजट हुआ पेश, जानिए…

देहरादून – भाजपा सरकार में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया। सांय 4 बजे बजट पेश किया गया।
वर्ष 2022-23 में कुल 63774.55 करोड़ का बजट पेश किया गया। पेश बजट की मुख्य झलकियां:

- उत्तराखण्ड के समस्त परिवारों को निःशुल्क एवं कैशलैश चिकित्सा उपचार देने के लिए सरकार द्वारा अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 310 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में
रू० 297.84 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है। - प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 311.76 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू० 205 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 105.41 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू० 112.38 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।

- सभी पात्र वृद्धजनों, निराश्रित विधवाओं, दिव्यांगों, आर्थिक रूप से कमजोर किसानों, परित्यक्त महिलाओं को पेंशन दिये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 1500 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- उत्तराखण्ड की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सभी गरीब परिवारों को अन्तोदय कार्ड धारको को एक वर्ष में तीन (03) निःशुल्क एल०पी०जी० सिलेण्डर वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु रू0 55.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के घटक पर ड्रॉप मोर क्रॉप के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 43.15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- सामान्य एवं पिछड़ी जाति के छात्रों के लिए निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक उपलब्ध कराने हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 36.86 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया। है।
- श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 34.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- राष्ट्रीय ग्रामीण स्वराज अभियान’ योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0
30.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

- मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू० 25 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास योजना वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 20 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- सामुदायिक फिटनेस उपकरण (ओपन जिम) हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- गौसदनों की स्थापना हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू० 15 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना’ के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 17 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- चाय विकास योजना’ हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 18.40 करोड़ की धनराशि
का प्रावधान किया गया है।

- मेरी गांव मेरी सड़क के अन्तर्गत प्रत्येक विकासखण्ड में दो सडक निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 13.48 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- अटल उत्कर्ष विद्यालय’ योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 12.28 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- देहरादून में राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान सीपेट (CIPET) की स्थापना हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 10 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 7.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संवर्द्धन योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु रू० 6 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।

- सीमान्त क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण एवं युवाओं के पलायन को रोकने हेतु शोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के चम्पावत परिसर की स्थापना हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 5 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- विषम भौगोलिक परिस्थितियों व पर्यावरणी निर्देशांको के दृष्टिगत डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में आई टी अकादमी व उत्कृष्टता केन्द्र के संचालन के लिए रू० 05 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- प्रधानमंत्री फसल योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 4 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
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जमीन धोखाधड़ी केस : इनामी अपराधी प्रदीप सकलानी के मददगारों पर पुलिस का कसा शिकंजा…

20 हज़ार का इनामी अभियुक्त प्रदीप सकलानी, जिसको रायपुर थाने द्वारा अरेस्ट किया गया था, जो न्यायिक अभिरक्षा में जेल मे है, जिस पर 26 से अधिक ज़मीन संबंधित धोखाधड़ी के अभियोग जनपद के विभिन्न थानो में दर्ज हैं व दो दर्जन से अधिक चेक बाउंस के मुकदमे विभिन्न न्यायालय में विचाराधीन है।
अभियुक्त प्रदीप सकलानी भूमि धोखाधड़ी से संबंधित नेहरू कॉलोनी के तीन मुकदमो व एक रायपुर के एक मुकदमे में वांछित था, अभियुक्त प्रदीप सकलानी द्वारा विवेचको को पूछताछ के दौरान कई संदिग्धों के बारे में जानकारी दी गई, जिनके द्वारा धोखाधड़ी में उसको सहयोग किया गया व पुलिस से बचने के लिए व मामला रफा दफा करने के लिए लगातार प्रदीप सकलानी के संपर्क में थे। ऐसे सभी संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस द्वारा लगातार पूछताछ हेतु थाने बुलाया जा रहा है, इसी कार्रवाई के क्रम में हेम भट्ट, जिसका नाम प्रदीप सकलानी द्वारा विवेचकों को बताया गया, उनको भी संदिग्धता के आधार पर पूछताछ हेतु थाने बुलाया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
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ब्रेकिंग : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उत्तराखंड दौरा , देश के आखिरी छोर पर व्यवस्थाओं को परखेंगे CEC


ब्रेकिंग : मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सीमांत जिले के पोलिंग बूथों और विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का जायजा लेने उत्तरकाशी पहुंचे। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने उनका स्वागत किया। कुछ ही देर बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त भारत-चीन सीमा से सटे सीमांत गांव हर्षिल में स्थापित पोलिंग बूथ का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लेंगे।
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सीएम धामी का बड़ा बयान, उत्तराखंड की सड़कों पर नहीं पढ़ने देंगे नमाज, कहा- कानून से ऊपर कोई नहीं

Uttarakhand News : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़कों पर नमाज वाले बयान के बाद अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान सामने आया है। सीएम धामी ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड में सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ने देंगे।
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उत्तराखंड की सड़कों पर नहीं पढ़ने देंगे नमाज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में सड़कों पर नमाज़ पढ़ने को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड में सार्वजनिक सड़कों को धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से बाधित करने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आस्था का सम्मान सभी को है, लेकिन कानून और व्यवस्था से ऊपर कोई नहीं हो सकता।
सड़कें आम जनता की आवाजाही के लिए हैं ना कि नमाज पढ़ने के लिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में चारधाम यात्रा चल रही है और लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में राज्य का वातावरण शांत, व्यवस्थित और अनुशासित बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सड़कें आम जनता की आवाजाही के लिए हैं, उन्हें अवरोध या प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।

नमाज़ निर्धारित स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए – सीएम धामी
सीएम धामी ने कहा कि नमाज़ मस्जिदों, ईदगाहों और निर्धारित स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए। सार्वजनिक मार्गों को बाधित कर लोगों को परेशानी में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के लिए सड़क पर नमाज़ का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है।
अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़कों को बंधक बनाकर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि देवभूमि की शांति, संस्कृति और अनुशासन से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी तथा राज्य में कानून का राज सर्वोपरि रहेगा।
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