Uttarakhand
उत्तराखंड में बढ़ने लगा तापमान, अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना।

देहरादून – उत्तराखंड में फरवरी माह में पारा तेजी से बढ़ रहा है। अगले कुछ दिनों में मैदानी जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच से सात डिग्री, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में आठ से 10 डिग्री अधिक रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मैदानी जिलों में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। जबकि, पर्वतीय जिलों में तापमान 29 डिग्री के आसपास रहेगा।
उत्तराखंड के देहरादून सहित तमाम क्षेत्रों में मौसम में लगातार तेजी से बदलाव हो रहा है। मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि अगले एक दो दिन में मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मी बढ़ सकती है।
फरवरी माह में 2021 में उच्चतम तापमान 31.8 डिग्री तक पहुंचा था। इस बार भी तापमान 31 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। वहीं, उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की बरसात होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी सप्ताह में मौसम शुष्क रहेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान आठ से दस डिग्री सेल्सियस बढ़ने के कारण अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ पिघलेगी। इससे उत्तराखंड की नदियों के जलस्तर में वृद्धि होगी। मौसम वैज्ञानिकों ने हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। साथ ही फसलों को दुष्प्रभाव से बचाने के लिए सिंचाई करने की सलाह दी गई है।
Haridwar
लक्सर में चोरों का बड़ा खेल…फौजी के घर से 28 लाख रुपये के गहने लेकर हुए फरार

Haridwar News : जिले के लक्सर कोतवाली क्षेत्र में चोरों ने एक फौजी के घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के सामान पर हाथ साफ कर दिया। जिसके बाद से इलाके में दहशत का माहौल है।
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फौजी के घर से 28 लाख रुपये के गहने लेकर चोर फरार
रविवार रात हुई इस वारदात में बदमाश कथित तौर पर छत के रास्ते घर में दाखिल हुए और अलमारी का ताला तोड़कर करीब 28 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और 90 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए।
घटना का खुलासा होने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और चोरी हुए सामान की बरामदगी की मांग की है।

वर्तमान में केरल में पोस्टेड हैं नवीन
मिली जानकारी के अनुसार लक्सर क्षेत्र के मुंडाखेड़ा कला निवासी नवीन सेना में सेवारत हैं और वर्तमान में केरल में तैनात हैं। घर पर उनके पिता प्रेम सिंह मौजूद थे बताया गया कि 30 अगस्त की रात प्रेम सिंह करीब 11 बजे सो गए थे। देर रात लगभग डेढ़ बजे उनकी नींद खुली तो घर के कमरों में लाइट जल रही थी। उन्हें कुछ अनहोनी की आशंका हुई और जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो अलमारी का ताला टूटा हुआ था।
कमरे में बिखरा मिला सामान
अलमारी और कमरे का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण और करीब 90 हजार रुपये की नकदी गायब थी। चोरी का पता चलते ही प्रेम सिंह ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चोर घर की छत के रास्ते अंदर दाखिल हुए थे। पुलिस पूरे मामले की जाचं में जुट गई है।
Haldwani
रामलीला मैदान शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का हल्ला बोल, 15 लोगों पर मुकदमे की मांग

Haldwani News : रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस के सामने मोर्चा खोल दिया है।
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रामलीला मैदान शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का हल्ला बोल
सोमवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता हल्द्वानी कोतवाली पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस को तहरीर सौंपते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, श्रीराम सेवा से जुड़े गिरीश पांडे समेत करीब 15 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भी कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में दर्ज मुकदमे को भी अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने आरोप लगाया कि एक तरफ कांग्रेस की शिकायत पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ बेहद तेजी से एफआईआर दर्ज कर दी गई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को केवल राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं देख रही है, बल्कि इसे सम्मान और सामाजिक भेदभाव से जुड़ा मुद्दा मानकर लड़ाई लड़ रही है।

खड़गे के अपमान का आरोप, एससी-एसटी एक्ट में कार्रवाई की मांग
यशपाल आर्या का कहना है कि रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण की घटना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में दलित समाज के प्रति भाजपा की मानसिकता उजागर हुई है।
कांग्रेस का कहना है कि पार्टी पहले भी पुलिस को इस संबंध में शिकायत दे चुकी है, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसी के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने साफ कहा कि कांग्रेस अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगी। यदि मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान के मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो पार्टी आंदोलन को और तेज कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
Chamoli
17 अक्टूबर को बंद होंगे चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, उसके बाद यहां कर सकते हैं दर्शन

Chamoli News : उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित पंचकेदारों में शामिल चतुर्थ केदार रुद्रनाथ धाम के कपाट आगामी 17 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
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17 अक्टूबर को बंद होंगे चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट
चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि का ऐलान हो गया है। इस साल 17 अक्टूबर को रूद्रनाथ धाम के कपाट बंद होंगे। रुद्रनाथ मंदिर के पुजारी हरीश भट्ट के अनुसार, वर्तमान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा कर धाम पहुंच रहे हैं। मौसम अनुकूल होने के कारण यात्रा सुचारू रूप से जारी है और तीर्थयात्रियों में रुद्रनाथ के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
शीतकाल में गोपीनाथ मंदिर में होती है पूजा
शीतकाल के दौरान भारी बर्फबारी और कठिन मौसम के कारण रुद्रनाथ धाम की यात्रा बंद हो जाती है। इस अवधि में भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में की जाती है। यानी की कपाट बंद होने के बाद गोपीनाथ मंदिर में रूद्रनाथ जी के दर्शन कर सकते हैं।

11,808 फीट की ऊंचाई पर स्थित है रुद्रनाथ धाम
चमोली जिले में समुद्र तल से करीब 11,808 फीट की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख शिव धामों में शामिल है। हिमालय की ऊंची और दुर्गम चोटियों के बीच स्थित यह मंदिर अपनी आध्यात्मिक मान्यता के साथ-साथ अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है।
रुद्रनाथ में होती है भगवान शिव के मुख की पूजा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रुद्रनाथ पंचकेदारों में विशेष स्थान रखता है। यहां भगवान शिव के एकानन यानी मुख स्वरूप की पूजा की जाती है, जबकि भगवान शिव के संपूर्ण स्वरूप से जुड़ी मान्यता नेपाल के काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर से जुड़ी हुई है।
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