Dehradun
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव ने विनोद कुमार सुमन ने की समीक्षा, सभी जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को एलर्ट पर रहने के दिए निर्देश।

देहरादून – मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड के अधिकांश जनपदों में भारी से बहुत भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आईटी पार्क स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) से जनपदों की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी जिलों के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों को एलर्ट पर रहने तथा हालात पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। रविवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों से वर्तमान स्थिति और जिलों में हो रही बारिश को लेकर जानकारी ली।

उन्होंने नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे के साथ ही ग्रामीण सड़कों को लेकर निर्देश दिए कि जो भी मार्ग बंद हैं, उन्हें जल्द से जल्द खुलवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इस दौरान सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने स्टेट तथा नेशनल हाईवे में यातायात संचालन की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि मार्ग बंद हैं तो साइनेज लगाए जाएं तथा लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए। साथ ही मार्ग खुलने की भी जानकारी आम जनमानस तक विभिन्न माध्यमों से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्रामीण सड़कों को भी जल्द से जल्द खोलने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

उन्होंने नदियों के जलस्तर को लेकर भी डीडीएमओ से जानकारी ली और किसी भी आपात स्थिति को लेकर तुरंत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में सूचना भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नदियों का जलस्तर बढ़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने और लोगों को नदी-नालों से दूर रहने को लेकर जागरूक करने को कहा। इस दौरान यूएसडीएमए के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, ड्यूटी ऑफिसर आलोक कुमार सिंह, एसईओसी के दिवस प्रभारी रोहित कुमार आदि मौजूद थे।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि सोशल मीडिया पर विभिन्न आपदाओं को लेकर भ्रामक तथा फर्जी पोस्ट डाले जाने की सूचना मिली है। पुराने वीडियो तथा फोटो को वर्तमान का बताकर गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने सभी डीडीएमओ से कहा कि आम जनता में भय और डर का माहौल न रहे, इसलिए ऐसे भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट का तुरंत खंडन किया जाए।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशभर में सूखी नदियों पर खास तौर पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के चलते सूखी नदियों में भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने लोगों से भी सूखी नदियों में न जाने तथा वाहन इत्यादि न खड़े करने की अपील की है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावितों को राहत राशि वितरित करने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने 15 जून से लेकर अब तक कितनी राहत राशि बंट चुकी है तथा कितने मामले लंबित हैं, इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अभी तक राहत राशि नहीं बांटी गई है, उन तक हर हाल में जल्द से जल्द राहत राशि पहुंचाई जाए।
जिलों के कंट्रोल रूम में इंटरनेट की सुविधा तथा कनेक्टिविटी सुचारु तथा निर्बाध रूप से बनी रहे, इसे लेकर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने सभी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिर्फ एक नेटवर्क के भरोसे न रहें और अन्य कंपनियों के नेटवर्क की भी सेवाएं लें ताकि यदि किसी एक की कनेक्टिविटी बाधित हो तो दूसरे नेटवर्क का प्रयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए यह जरूरी है कि सूचनाओं का आदान-प्रदान समय पर हो।
big news
कैसी चाहिए उत्तराखंड की खेल नीति ?, आम जनता 30 जुलाई तक दे सकती है सुझाव, यहां जानें कैसे ?

Uttarakhand Sports Policy : उत्तराखंड की नई खेल नीति कैसी होनी चाहिए, अब यह तय करने में आम जनता भी भागीदार बनेगी। खेल विभाग ने प्रदेशवासियों से 30 जुलाई तक सुझाव मांगे हैं।
Table of Contents
कैसी चाहिए उत्तराखंड की खेल नीति ?
उत्तराखंड की नई खेल नीति के लिए आम जनता खुद अपने सुझाव दे सकती है। खिलाड़ी, प्रशिक्षक, खेल विशेषज्ञ, खेल संघ, अभिभावक, शिक्षक, खेल प्रेमी और आम नागरिक ऑनलाइन पोर्टल, ई-मेल या डाक के माध्यम से अपने सुझाव भेज सकते हैं।
आम जनता 30 जुलाई तक दे सकती है सुझाव
सोमवार को विधानसभा स्थित सभागार में बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि उपयोगी सुझावों को नई खेल नीति में शामिल करने पर विचार किया जाएगा, जबकि बेहतर सुझाव देने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।

सुझावों को नई खेल नीति में किया जाएगा शामिल
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार ऐसी खेल नीति तैयार करना चाहती है, जो प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप होने के साथ ही खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करे। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण में जनता की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। प्राप्त सुझावों का परीक्षण कर उपयुक्त सुझावों को नई खेल नीति में शामिल किया जाएगा।
30 जुलाई 2026 तक मिलने वाले सुझावों पर होगा विचार
खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की भागीदारी से तैयार होने वाली खेल नीति उत्तराखंड में खेलों के विकास को नई दिशा देगी। इसलिए अधिक से अधिक लोगों से सुझाव भेजने की अपील की गई है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 30 जुलाई 2026 तक प्राप्त होने वाले सुझावों पर ही विचार किया जाएगा।
आप ऐसे दे सकते हैं अपने सुझाव
ऑनलाइन : www.khelouk.in/contact-us
ई-मेल : info@khelouk.in
डाक से : निदेशक, खेल विभाग,
खेल निदेशालय, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर,
थानो रोड, रायपुर,
देहरादून-248008, उत्तराखंड।
Dehradun
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.47 करोड़ की साइबर ठगी, हरियाणा से आरोपी गिरफ्तार

Dehradun News : उत्तराखंड एसटीएफ ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को हरियाणा के अंबाला से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भूपेंद्र सिंह के रूप में हुई है।
Table of Contents
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.47 करोड़ की साइबर ठगी
उत्तराखंड एसटीएफ 1.47 करोड़ की साइबर ठगी को अंजाम देने वाले ठग को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि उसके बैंक खाते में साइबर धोखाधड़ी से हासिल करीब 50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट भी जारी हो चुका था।
पुलिस ने आरोपी को हरियाणा से किया गिरफ्तार
एसटीएफ के अनुसार ये मामला वर्ष 2025 में हुई एक बड़ी साइबर ठगी से जुड़ा है। आरोप है कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर रुहेलखंड विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त कुलपति को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी की थी।
साइबर ठगों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़िता को लगातार व्हाट्सएप कॉल पर निगरानी में रखा और करीब 12 दिनों तक मानसिक दबाव बनाकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई।

महिला को डिजिटल अरेस्ट कर हड़पे थे 1 करोड़ 47 लाख
शिकायत के मुताबिक, अगस्त 2025 में नैनीताल निवासी पीड़िता ने साइबर क्राइम थाना रुद्रपुर में मामला दर्ज कराया था। पीड़िता ने बताया कि फोन करने वालों ने खुद को महाराष्ट्र साइबर क्राइम का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उनके नाम से संचालित एक बैंक खाते में करीब 60 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन हुए हैं और मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।
इसके बाद कथित सत्यापन प्रक्रिया का हवाला देकर पीड़िता को व्हाट्सएप कॉल के जरिए लगातार अपने संपर्क में रखा गया। इस दौरान उन्हें डिजिटल अरेस्ट जैसा माहौल बनाकर मानसिक रूप से दबाव में रखा गया और विभिन्न खातों में कुल 1 करोड़ 47 लाख रुपये जमा करा लिए गए।
एसटीएफ ने बैंकिंग ट्रेल के आधार पर किया गिरफ्तार
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर कार्रवाई करते हुए 50 लाख रुपये के लाभार्थी खाताधारक को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
- कैसी चाहिए उत्तराखंड की खेल नीति ?, आम जनता 30 जुलाई तक दे सकती है सुझाव, यहां जानें कैसे ?
- डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.47 करोड़ की साइबर ठगी, हरियाणा से आरोपी गिरफ्तार
- Raashifal 14 July 2026: भौमवती अमावस्या और व्याघात योग का महासंयोग, जानें सभी 12 राशियों का भाग्यफल
- बाइक से जाते वक्त पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला ने एक साल की बच्ची के साथ गंगनहर में छलांग
- SBI Funds Management IPO : जानिए तारीख, प्राइस बैंड, और निवेश की पूरी समीक्षा..
big news
बड़ी खबर : बद्रीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी मामला, फरार कर्मचारी देहरादून से गिरफ्तार

Dehradun News : बद्रीनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पुलिस ने रविवार देर रात देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बद्रीनाथ लेकर आ रही है।
Table of Contents
चढ़ावा हेराफेरी मामले में फरार कर्मचारी देहरादून से गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए थे। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। संभावित ठिकानों पर कई दिनों तक दबिश देने के बाद आखिरकार पुलिस ने उसे देहरादून से हिरासत में लेने में सफलता हासिल की।
गड़बड़ी के संकेत मिलने पर किया था मुकदमा दर्ज
बता दें कि बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के रखरखाव और जमा प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत सामने आई थी।

शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में चढ़ावे की राशि के प्रबंधन में कथित गड़बड़ी के संकेत मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी हो गया था फरार
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। उसकी तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई थी, जो लगातार संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही थी। आखिरकार रविवार देर रात पुलिस ने उसे देहरादून से गिरफ्तार कर लिया।
Cricket15 hours agoवेस्टइंडीज बनाम न्यूजीलैंड फैंटेसी क्रिकेट टिप्स, प्लेइंग XI, पिच रिपोर्ट और मैच प्रीव्यू..
Cricket9 hours agoENG vs IND Dream11 Team 1st ODI 2026: फैंटेसी प्रेडिक्शन, पिच रिपोर्ट और बेस्ट प्लेइंग-11
Rudraprayag9 hours agoसड़क पर अचानक आई भैंस…, अगले ही पल स्कॉर्पियो से भिड़ी कार, एक की दर्दनाक मौत
uttarakhand weather11 hours agoउत्तराखंड में आज 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, लोगों से नदियों, नालों के पास ना जाने की अपील
Haridwar6 hours agoबाइक से जाते वक्त पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला ने एक साल की बच्ची के साथ गंगनहर में छलांग
big news8 hours agoबड़ी खबर : बद्रीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी मामला, फरार कर्मचारी देहरादून से गिरफ्तार
धर्म-कर्म6 hours agoRaashifal 14 July 2026: भौमवती अमावस्या और व्याघात योग का महासंयोग, जानें सभी 12 राशियों का भाग्यफल
Business8 hours agoSBI Funds Management IPO : जानिए तारीख, प्राइस बैंड, और निवेश की पूरी समीक्षा..




































