Uttarakhand
उत्तराखंड में ट्रेकर्स के लिए खुशखबरी: 63 साल बाद खुलेंगे दो ट्रैक, लद्दाख की तर्ज पर विकास और होम स्टे की योजना !

उत्तरकाशी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के आखिर में उत्तरकाशी स्थित गंगोत्री धाम के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा का दौरा करेंगे। इस दौरान, वह जादूंग-जनकताल और नीलापानी-मुलिंगना दर्रे ट्रैक की शुरुआत भी करेंगे। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने यह जानकारी दी और कहा कि “प्रधानमंत्री के इन दो ट्रैकों की शुरुआत से नेलांग और जादूंग घाटी में साहसिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।”
वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद नेलांग और जादूंग घाटी सहित आसपास के इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया था, जिससे यहां स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही बंद हो गई थी। जिलाधिकारी बिष्ट ने बताया कि अब भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर इस इलाके को लद्दाख की तर्ज पर विकसित करने की योजना शुरू की गई है।
नेलांग और जादूंग गांव को बसाने के लिए वाइब्रेंट योजना के तहत ‘होम स्टे’ निर्माण भी शुरू किया जा चुका है। इस पहल से स्थानीय समुदाय को रोजगार मिलेगा और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री के 27 फरवरी के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों के तहत पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने सोमवार को मुखबा और हर्षिल में तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारी को गंगोत्री मंदिर और पूरे मुखबा गांव को फूलों से सजाने के निर्देश दिए, साथ ही मंदिर समिति और ग्राम पंचायत के साथ तालमेल बनाकर कार्य करने को कहा।
कुर्वे ने मुखबा गांव में व्यू प्वाइंट निर्माण, रंग रोगन और पैदल मार्ग निर्माण का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को समय पर सभी कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए और प्रधानमंत्री को स्थानीय हस्तशिल्प से बने उपहार देने की बात कही।
राज्य सरकार ने पिछले साल से गढ़वाल हिमालय के चारधामों – बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थलों की यात्रा की शुरुआत की है। राज्य सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री के आगामी दौरे से चारधामों की शीतकालीन यात्रा को और बढ़ावा मिलेगा।
हर साल अक्टूबर-नवंबर में सर्दियों के लिए चारधामों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, और भगवान की पालकियों को उनके शीतकालीन प्रवास स्थलों पर लाया जाता है, जहां उनकी पूजा की जाती है। मां गंगोत्री की शीतकालीन पूजा मुखबा में, मां यमुनोत्री की खरसाली, केदारनाथ की उठीमठ और बदरीनाथ की ज्योतिर्मठ में की जाती है।
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नैनीताल में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई, 17 स्कूलों को नोटिस जारी, 15 दिन का अल्टीमेटम

Nainital News : नैनीताल में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 17 स्कूलों को नोटिस जारी किया है।
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नैनीताल में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई
नैनीताल के हल्द्वानी में जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 17 संस्थानों को नोटिस जारी किया है। इन स्कूलों पर आरोप है कि वे एनसीईआरटी के बजाय महंगी और अतिरिक्त किताबें अनिवार्य कर अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बना रहे हैं।
17 प्राईवेट स्कूलों को नोटिस जारी
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संबंधित स्कूलों को 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने और आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि नियमों का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने का बड़ा कदम
जिले में शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और अभिभावकों पर पड़ रहे अतिरिक्त आर्थिक भार को कम करने के उद्देश्य से प्रशासन ने अहम पहल की है। जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने हल्द्वानी, रामनगर और भीमताल क्षेत्र के 17 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किए हैं।
जांच के दौरान ये पाया गया कि कुछ विद्यालय एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अलावा निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें छात्रों के लिए अनिवार्य कर रहे थे, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक खर्च का दबाव बढ़ रहा था।
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सावधान, उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी, बारिश, ओलावृष्टि व तूफान की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

Uttarakhand Weather Alert : उत्तराखंड में एक मई को मौसम ने ककवट ली और तब से प्रदेशभर में बारिश का सिलसिला जारी है। उत्तराखंड में अगले 48 घंटों में बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की गई है। इसके लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
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सावधान, उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी
उत्तराखंड में मौसम का मिजाज फिलहाल बिगड़ा रहने के आसार हैं। प्रदेश के कई पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने देहरादून सहित कई जिलों में 4 और 5 मई के लिए बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट (Uttarakhand Weather Alert) जारी किया है।
आज बारिश, ओलावृष्टि व तूफान की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
वहीं, 4000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के सभी जिलों में कहीं-कहीं बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पांच मई तक के लिए मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
उत्तराखंड राज्य के सभी जनपदों के अनेक स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा गर्जन के साथ होने के आसार हैं। जबकि 4000m व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात होने की संभावना है।
वहीं पांच मई को उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में अनेक स्थानों पर और शेष जनपदों के कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा गर्जन के साथ होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। जबकि 4000m व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है।
Uttarakhand
लैंड फ्रॉड पर गढ़वाल आयुक्त सख्त : 45 मामलों का निस्तारण, धोखाधड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के दिए निर्देश…

देहरादून : गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को सर्वे चौक स्थित कैंप कार्यालय में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में प्राप्त आख्या की समीक्षा की गई। इस दौरान समिति द्वारा लैंड फ्रॉड से संबंधित 20 लंबित एवं 105 नए मामलों सहित 125 मामलों सुनवाई की गई। इस दौरान समिति द्वारा कुल 45 प्रकरणों का निस्तारण के साथ ही 24 मामलों में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। लैंड फ्रॉड समिति में दर्ज नए मामलों में सबसे अधिक 74 मामले देहरादून जनपद के है, जबकि हरिद्वार के 15, पौडी के 13, टिहरी के 02 तथा चमोली का 01 प्रकरण भी इसमें शामिल है।
गढ़वाल आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार और मा. मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भूमि धोखाधड़ी के मामलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन प्रकरणों में संयुक्त निरीक्षण अपेक्षित है, उन्हें इसी सप्ताह पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि लैंड फ्रॉड कमेटी की बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि हर 15 दिनों के अंतराल में लैंड फ्रॉड मामलों की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में आयोजित ताजा बैठक में कुल 125 प्रकरणों पर विचार किया गया, जिनमें 20 लंबित और 105 नए मामले शामिल थे। इनमें से 24 प्रकरण अत्यंत गंभीर पाए गए, जिनमें तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन 24 मामलों में उदय सिंह, सुचेता सेमवाल, राजीव जायलवाल, गुलाब सिंह, किरन बागड़ी, अजय कुमार, संजीव गर्ग, मिथलेश सिंघल, जगदंबा रावत, अर्जुन सिंह, सामरजी देवी समेत कुल 13 शिकायतें विशेष रूप से भूमि पर तारबाड़ कर कब्जा व जमीन को खुर्द-बुर्द करने से संबंधित हैं। आयुक्त ने कहा कि जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं-कहीं बिना जमीन के ही बिक्री, कहीं खसरा नंबर में हेरफेर कर अलग भूमि देना, तो कहीं 2 बीघा भूमि को 4 बीघा बताकर बेचना जैसे गंभीर फर्जीवाड़े उजागर हुए हैं। आयुक्त ने ऐसे मामलों में पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त भूमि धोखाधडी, अवैध कब्जा एवं गंभीरता वाले अन्य 11 मामलो पर भी आयुक्त ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए है।
आयुक्त ने कहा कि 24 एफआईआर योग्य मामलों के अतिरिक्त 45 अन्य प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया है। इनमें कुछ मामलों में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया है। कुछ में लेन-देन की समस्या प्रशासनिक हस्तक्षेप से सुलझ गई और धनराशि वापस कर दी गई। वहीं, कुछ प्रकरण सिविल न्यायालय में लंबित पाए गए, जिनमें बेनामा निरस्तीकरण से संबंधित विवाद हैं और इनमें लैंड फ्रॉड नहीं पाया गया। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों का निस्तारण विधिवत न्यायालय के माध्यम से ही होगा।

आयुक्त ने विशेष रूप से बड़े भू-क्षेत्र से जुड़े मामलों में कार्रवाई में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे लंबित प्रकरणों में 15 दिनों के भीतर ठोस प्रगति लाना सुनिश्चित करें। ऐसे मामलें जिनमें अवैध निर्माण सिद्ध हो चुका है, उनमें तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए। स्पष्ट भूमि धोखाधड़ी के सभी मामलों में अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। जो मामले भूमि धोखाधडी से संबंधित नही है उनकी सूचना शिकायतकर्ता को भी दी जाए। आयुक्त ने निर्देश दिए कि भूमि से संबंधित मामलों में प्रारंभिक स्तर पर ही विवाद की पहचान कर आवश्यक प्रतिबंधात्मक कदम उठाए जाएं, जिससे भविष्य में जटिलताएं उत्पन्न न हों।
आयुक्त ने न्यायालय में लंबित मामलों को छोड़कर अन्य सभी प्रकरणों में विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा किसी भी भूमि संबंधी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए।
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