Dehradun
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई का किया भ्रमण, तेजपात व दालचीनी के पौधों के विषय में ली जानकारी।

देहरादून – राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बुधवार को सगंध पौधा केंद्र (सेंटर फॉर एरोमैटिक प्लांट्स, कैप) सेलाकुई, देहरादून का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने सगंध पादप केंद्र में स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्षेत्र में स्थापित बीज विकास एवं अंकुरण कक्ष, विभिन्न हाई टेक ग्रीन हाउस और केंद्र में स्थित विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं एवं बगीचों का अवलोकन किया एवं केंद्र द्वारा विकसित किए जा रहे तेजपात व दालचीनी के पौधों के विषय में जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने केंद्र के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ‘अगरवुड’ के पौधे का रोपण भी किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में सगंध पादप कृषि के लिए प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं, साथ ही इन फसलों को जंगली जानवर भी नुकसान नहीं पहुँचाते हैं, ऐसे में उत्तराखण्ड में सगंध पादप खेती को अधिक प्रचारित और प्रसारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सगंध पादप खेती से यहाँ के किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्यपाल ने कहा कि पूरे विश्व में सुगंध का एक विशेष स्थान है, और उत्तराखण्ड की जड़ी-बूटियों, फूलों और पादपों से बनने वाले पर्फ्यूम और इत्र की पूरे विश्व से मांग आएगी।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में उत्पादित होने वाली दालचीनी की गुणवत्ता अच्छी है, और जिस प्रकार कैप द्वारा मिशन दालचीनी के अंतर्गत कार्य किए जा रहे हैं वे सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि कैप द्वारा सगंध पादप कृषि को बढ़ावा देने के लिए कैप ने ‘महक क्रांति’ के नाम से जो योजना बनाई है उससे किसानों के साथ-साथ आमजन को भी फायदा मिलेगा। राज्यपाल ने कहा कि कैप द्वारा विकसित ‘तिमरु पर्फ्यूम’ और अन्य सभी उत्पाद वास्तव में आकर्षक है और कैप को अपने उत्पादों का देश-विदेश में प्रचार-प्रसार करना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि हमें अपने उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग को वैश्विक स्तर का बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैप के अधिकारी ऐसा प्रयास करें कि हमारी उत्पादों की ब्रांडिंग में उत्तराखण्ड की दिव्यता और भव्यता की झलक लोगों के सामने आ सके। राज्यपाल ने कहा कि कैप को अपने अनुसंधानों में नवीन तकनीकों को जोड़ते हुए एआई और ऐग्रिकल्चर के मिश्रित स्वरूप को सामने लाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि तकनीक और नवाचार के प्रयोगों के माध्यम से कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं बनेगी और सगंध पादप कृषि से सिद्धि और समृद्धि के मार्ग खुलेंगे। अपने भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने कैप के निदेशक डॉ. नृपेन्द्र चौहान को अगले दो वर्षों में 108 पेटेंट बनाने और देश-विदेश में स्थित एरोमैटिक संस्थानों के साथ 108 एमओयू हस्ताक्षर करने का लक्ष्य दिया।
इस अवसर पर केंद्र के प्रबंधक डॉ. पंकज बिजल्वाण ने कैप के क्रियाकलापों एवं आगामी योजनाओं पर आधारित प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर कैप की वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. हेमा लोहानी, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुनील शाह सहित केंद्र के अन्य वैज्ञानिक एवं अधिकारी उपस्थित थे।
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उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई टेंशन, 24 घंटे में सामने आए 31 नए केस, आंकड़ा 484 पार

Dehradun News : उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में संक्रमण के 31 नए मामले सामने आए हैं। जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
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स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई टेंशन, 24 घंटे में सामने आए 31 नए केस
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। एक ही दिन में 31 नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और संक्रमण की रोकथाम से जुड़ी गतिविधियां तेज कर दी हैं। नए मामलों के साथ राज्य में स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 484 हो गई है। इनमें से 84 मरीज अभी सक्रिय हैं और अलग-अलग अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है।
देहरादून में सबसे ज्यादा नए मामले
24 घंटे में सामने आए 31 नए मामलों में 23 मरीज देहरादून जिले से हैं। राज्य में अब तक सामने आए कुल 484 मामलों में भी बड़ी संख्या देहरादून जिले से ही है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए देहरादून के सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

रैपिड रिस्पॉन्स टीमें सक्रिय
स्वाइन फ्लू के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अलग-अलग जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को सक्रिय किया गया है। इन टीमों के जरिए नए मरीजों की जानकारी जुटाने के साथ संक्रमण के संभावित स्रोत और संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है।
संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए हो रहा काम
देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में स्वाइन फ्लू के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जहां भी स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आ रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर उनकी ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी जुटा रही हैं। इसके साथ ही मरीज के संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग का फोकस नए मामलों की समय पर पहचान करने और संक्रमण को आगे फैलने से रोकने पर है। बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी में जुटी हुई हैं।
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उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल, 12 अपर पुलिस अधीक्षकों के हुए ट्रांसफर

Uttarakhand News : उत्तराखंड पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किया गया है। प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के 12 अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल करते हुए उनके स्थानांतरण और नई तैनाती के आदेश जारी कर दिए गए हैं। लंबे समय से पुलिस विभाग में तबादलों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब सरकार ने अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों पर मुहर लगा दी है।
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12 अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार प्रांतीय पुलिस सेवा के 12 अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है। इनमें कई अधिकारियों के महत्वपूर्ण पदों में बदलाव किया गया है। प्रशासनिक जरूरतों और रिक्त पदों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों की तैनाती की गई है।
मैदानी जिलों में भी देखने को मिला है असर
फेरबदल का असर प्रदेश के मैदानी जिलों में भी देखने को मिला है। देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे जिलों में एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

Uttarakhand
विधानसभा सत्र को लेकर बड़ा अपडेट, सत्र का काउंटडाउन शुरू! डेट और जगह जल्द होगी फाइनल

Uttarakhand News : उत्तराखंड विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को 26 अक्टूबर से पहले बुलाने की तैयारी है। सरकार ने इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है और शासन स्तर पर सत्र को लेकर जरूरी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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विधानसभा सत्र को लेकर बड़ा अपडेट, सत्र का काउंटडाउन शुरू
उत्तराखंड सरकार ने विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को 26 अक्टूबर से पहले आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर शासन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। हालांकि, सत्र कब और कहां आयोजित किया जाएगा, इसका अंतिम फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को करना है।
हाल ही में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर चर्चा हुई थी। बैठक में सत्र को 26 अक्टूबर से पहले आयोजित करने पर सहमति बनी। अब मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद सत्र की तारीख और स्थान को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में हो सकता है सत्र
माना जा रहा है कि विधानसभा का मानसून सत्र सितंबर के आखिरी सप्ताह या अक्टूबर के पहले सप्ताह में आयोजित किया जा सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी सत्र की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

वहीं, सत्र में अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी भी शुरू हो गई है। इसके लिए वित्त विभाग ने सभी विभागों से 18 सितंबर तक अपने बजट प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है।
मौजूदा कार्यकाल का अंतिम मानसून सत्र
धामी सरकार के वर्तमान कार्यकाल का यह अंतिम मानसून सत्र होगा। ऐसे में सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत फैसलों पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार की ओर से सत्र की तैयारियों को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
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