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डीएम वंदना का अधिकारियों को फील्ड विजिट के निर्देश, रानी झील पर पंद्रह दिन का क्या है प्लान, जानिए पूरी खबर…
रानीखेत/अल्मोड़ा- जिलाधिकारी वंदना ने तहसील मुख्यालय रानीखेत में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की तथा जनता की विभिन्न समस्याओं को सुना।
समस्याओं के समाधान हेतु जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान सड़क, बिजली, पानी, आवास, चिकित्सा, वन विभाग तथा अन्य विभागों से संबंधित समस्याएं लोगों ने जिलाधिकारी के सामने रखी, जिसके निस्तारण हेतु जिलाधिकारी ने त्वरित कार्यवाही हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि फील्ड स्तर के अधिकारी गांवों का भ्रमण करें, लोगों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुने तथा समाधान हेतु कार्यवाही करें।
साथ ही यह भी निर्देश दिए कि वीडीओ तथा वीपीडीओ ग्रामीणों के साथ नियमित खुली बैठकों का आयोजन करें तथा लोगों को सभी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान करें। साथ ही व्यावहारिक तौर पर जनता की समस्याओं का निराकरण करें।
जिलाधिकारी ने राजकीय चिकित्सालय रानीखेत का निरीक्षण किया । यहां चिकित्सालय के विभिन्न पटलों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ केके पांडे को निर्देश दिए कि निष्प्रयोज्य सामग्री को नीलाम कर एक हफ्ते में निस्तारित करने की कार्यवाही करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि ट्रॉमा सेवा एवं ट्रॉमा स्टाफ की शासन से अनुमति मिलने तक ट्रॉमा सेंटर के भवन को अन्य सेवाओं में लिया जाए जिससे उसका सदुपयोग हो सके। कहा कि लेबर रूम को शिफ्ट करने हेतु भी प्रस्ताव तैयार करें। शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत करने पर कि डॉक्टर द्वारा गैर जरूरी दवाइयां बाहर से लिखी जाती हैं, मरीजों की मौके पर जांच तथा डॉक्टर्स को निर्देश दिए कि जिस दवाई का अन्य विकल्प अस्पताल में उपलब्ध है साधारण केस में वैकल्पिक दवाई का प्रयोग किया जाए तथा अस्पताल को उपलब्ध होने वाली दवाओं का उपयोग किया जाए जिससे जनता पर आर्थिक बोझ को कम किया जा सके। साथ ही कहा कि जेनेरिक दवाओं को भी प्राथमिकता दी जाए।
जिलाधिकारी ने केआरसी वूलन फैक्ट्री का निरीक्षण कर विभिन्न जानकारियां प्राप्त की तथा कार्यरत महिलाओं से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने रानी झील का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने कहा कि रानी झील के समुचित विकास के लिए 15 दिन में प्रस्ताव तैयार करें तथा झील के सौंदर्यकरण, ट्रैक निर्माण, फेंसिंग आदि के हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए ।
इस दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट जय किशन, जिला पर्यटन अधिकारी, अमित लोहनी, तहसीलदार मनीषा मारकाना समेत विभिन विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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चमोली में चारधाम यात्रियों को ले जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत 6 लोगों की मौत

Chamoli News : उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरने वाला एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा जोशीमठ के पास हाथी पर्वत क्षेत्र में हुआ। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि की है।
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चमोली में चारधाम यात्रियों को ले जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश
हेलीकॉप्टर ने दोपहर 1:14 बजे बर्फबारी के बीच बदरीनाथ धाम से देहरादून के लिए उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर पहुंचने के दौरान हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया। इसके साथ ही ट्रैकिंग सिस्टम भी उसकी लोकेशन पता नहीं लगा सका। कुछ देर बाद हाथी पर्वत के पास हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली।
पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत
प्रशासन के अनुसार, भारतीय सेना ने सबसे पहले चमोली के जिलाधिकारी को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद सेना, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के लिए मौके पर रवाना की गईं। हादसे के बाद एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगा दी गई।
कई कंपनियों के बीच बंटी थीं परिचालन और रखरखाव की जिम्मेदारियां
यूसीएडीए के हेड ऑफ ऑपरेशंस के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर स्काई पल्स कंपनी का था। इसे चार्टर उड़ानों के संचालन के लिए शिव भोले ट्रेवल मार्ट को दिया गया था। जानकारी के अनुसार, शिव भोले ट्रेवल मार्ट के पास अपना एनएसओपी (नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर परमिट) नहीं था। कंपनी ने डीजीसीए में परमिट के लिए आवेदन किया था, जिसकी प्रक्रिया जारी थी। इस दौरान उड़ानों के संचालन के लिए दूसरी कंपनी के परमिट का इस्तेमाल किया जा रहा था।
संचालन से लेकर रखरखाव तक की जिम्मेदारी अलग-अलग कंपनियों के पास
हेलीकॉप्टर के संचालन से लेकर रखरखाव तक की जिम्मेदारी अलग-अलग कंपनियों के पास थी। हेलीकॉप्टर का वास्तविक मालिक स्काई पल्स था, जबकि इसका संचालन लीज पर शिव भोले ट्रेवल मार्ट कर रहा था। उड़ान भरने वाले पायलट चिप्सन कंपनी के थे और हेलीकॉप्टर के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी शौर्य एयरोनॉटिक्स के पास थी। हादसे के बाद हेलीकॉप्टर के स्वामित्व, संचालन, परमिट और रखरखाव से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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पिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता, लावारिस हालत में मिला बैग

Haridwar News : हरिद्वार के पिरान कलियर स्थित दरगाह साबिर पाक परिसर से भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी का 27 वर्षीय बेटा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। युवक का बैग दरगाह परिसर में लावारिस हालत में मिला, जिसमें लैपटॉप, पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज बरामद हुए। घटना के बाद से परिजन परेशान हैं, वहीं पुलिस युवक की तलाश में जुटी है।
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पिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता
बिहार निवासी शंकर सिंह भारतीय वायुसेना में मास्टर वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में है। उनका बेटा सत्यम एक निजी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के तौर पर काम करता था। परिजनों के मुताबिक, उसने करीब डेढ़ महीने पहले ही नौकरी छोड़ दी थी। बताया गया है कि सत्यम लंबे समय से अपने पिता के संपर्क में भी नहीं था और दोनों के बीच बातचीत बंद थी।
लावारिस हालत में मिला बैग
जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को पिरान कलियर पुलिस को दरगाह परिसर से एक काला बैग मिला था। बैग लावारिस हालत में पड़ा हुआ था। पुलिस ने इसकी सूचना सत्यम के पिता को दी। 18 अक्टूबर को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बैग उन्हें सौंप दिया गया।

पुलिस ने दर्ज की युवक की गुमशुदगी
बैग की जांच के दौरान उसमें लैपटॉप, पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले, जिनसे बैग की पहचान सत्यम से जुड़ी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने युवक की गुमशुदगी दर्ज कर ली।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ अन्य माध्यमों से सत्यम का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल युवक के लापता होने के कारणों और उसके संभावित ठिकाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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उत्तराखंड में खुली मिठाई पर लगेगी एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से बदलेगा नियम

देहरादून: उत्तराखंड में मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। अब दुकानों में खुली मिठाइयां खरीदते समय ग्राहकों को उनकी निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जानकारी भी मिल सकेगी। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 26 अक्टूबर 2026 से राज्य में खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे तथा काउंटर पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इस फैसले का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की ताजगी और उनकी उपयोग अवधि के बारे में जागरूक करना है।
निरीक्षण के दौरान सामने आई थी समस्या
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से मिठाई की दुकानों में किए गए निरीक्षण के दौरान सामने आया कि खुली मिठाइयों के निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी ग्राहकों को नहीं मिल पा रही थी। दुकानों में मिठाइयां बिक्री के लिए रखी होती थीं, लेकिन उन्हें कब बनाया गया और कब तक उनका सेवन किया जा सकता है, यह स्पष्ट नहीं होता था।
मिठाई की ट्रे और काउंटर पर दिखानी होगी तारीख
नए नियम के तहत दुकानदारों को बिक्री के लिए रखी खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों के काउंटर या ट्रे पर निर्माण तिथि के साथ एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। यह व्यवस्था पूरे उत्तराखंड में लागू होगी।इससे ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय उसके निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि जानने में आसानी होगी।











































