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अनोखी श्रद्धा का स्थान: उत्तराखंड के इस मंदिर में संतान की प्राप्ति के लिए करें ये अनुष्ठान !
आज हम बात करेंगे एक पवित्र स्थल के बारे में जो उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल में स्थित है—कमलेश्वर महादेव मंदिर। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर एक अद्भुत स्थान भी है। जो अपनी प्राचीनता और धार्मिक महत्त्व के लिए प्रसिद्ध है।
कमलेश्वर महादेव मंदिर की मान्यताएँ
- संतान की प्राप्ति: मंदिर में खड़ा दीया अनुष्ठान को संतान की कामना के लिए विशेष रूप से किया जाता है। मान्यता है कि इस अनुष्ठान में भाग लेने वाले दंपतियों को संतान की प्राप्ति होती है।
- भगवान शिव की आराधना: कहा जाता है कि दंपति हर साल कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी की रात भगवान शिव की पूजा करते हैं। यह पूजा उनके लिए संतान प्राप्ति का वरदान लेकर आती है।
- भगवान विष्णु की तपस्या: मान्यता है कि भगवान विष्णु ने दानवों पर विजय प्राप्त करने के लिए इस मंदिर में भगवान शिव से वरदान मांगा था। उन्होंने यहां एक हजार कमल के पुष्प चढ़ाए, जिसमें भगवान शिव ने एक कमल छिपा दिया था।
- माँ पार्वती की कृपा: एक दंपति ने भगवान शिव की लीला को देखकर संतान प्राप्ति का वरदान प्राप्त किया। यह घटना मां पार्वती के अनुरोध पर हुई थी।
- ब्रह्म हत्या का दोष: मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण के वध के बाद ब्रह्म हत्या के दोष से मुक्ति के लिए भी कमलेश्वर में भगवान शिव की आराधना की थी।
- धार्मिक आस्था: मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, और यहां आस्था से भरपूर भक्तों की भीड़ हर साल लगती है।

श्रीनगर के ऐतिहासिक कमलेश्वर महादेव मंदिर में आगामी 14 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी पर्व के अवसर पर खड़ा दीया अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा। यह अनुष्ठान विशेष रूप से संतान की कामना के लिए किया जाता है, और मान्यता है कि इसमें भाग लेने वाले दंपतियों को संतान की प्राप्ति होती है।
मंदिर प्रशासन ने इस अनुष्ठान के लिए तैयारियों को शुरू कर दिया है। पंजीकरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है, और निसंतान दंपतियों की इस अनुष्ठान में भाग लेने के लिए उत्सुकता देखने को मिल रही है। अब तक, देश के विभिन्न हिस्सों से 49 दंपतियों ने पंजीकरण करवाया है, जिनमें चेन्नई, जयपुर, दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड के दंपति शामिल हैं। पंजीकरण की अंतिम तिथि 14 नवंबर दोपहर 3 बजे तक है।
कमलेश्वर महादेव मंदिर के महंत आशुतोष पुरी ने बताया कि पिछले वर्ष 2023 में 175 निसंतान दंपतियों ने इस अनुष्ठान के लिए पंजीकरण करवाया था। इच्छुक दंपति महंत आशुतोष पुरी के संपर्क नंबर 9412324526 पर कॉल कर पंजीकरण करवा सकते हैं।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर और उसके आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा, मंदिर परिसर को भव्य तरीके से सजाने का कार्य भी जारी है। माना जा रहा है कि इस बार बैकुंठ चतुर्दशी पर अनुष्ठान और भी भव्य होगा।
कमलेश्वर महादेव मंदिर की मान्यता के अनुसार, हर साल कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी की रात दंपति भगवान शिव की पूजा करते हैं। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने दानवों पर विजय पाने के लिए इस मंदिर में भगवान शिव से वरदान प्राप्त किया था। इस दौरान एक दंपति ने भगवान शिव की लीला को देखकर संतान प्राप्ति का वरदान प्राप्त किया था। तब से यहां इस पर्व पर खड़ा दीया अनुष्ठान किया जाता है।
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श्रीनगर गढ़वाल मेयर आरती भंडारी ने थामा बीजेपी का दामन, 10 पार्षदों के साथ ली सदस्यता

Mayor Aarti Bhandari : श्रीनगर गढ़वाल नगर निगम की महापौर आरती भंडारी और उनके पति लखपत भंडारी ने बुधवार को देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
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श्रीनगर गढ़वाल मेयर आरती भंडारी ने थामा बीजेपी का दामन
श्रीनगर गढ़वाल मेयर आरती भंडारी ने आज बीजेपी का दामन थाम लिया है। इनके साथ उनके पति लखपत भंडारी औरर श्रीनगर नगर निगम के 10 पार्षदों ने भी पार्टी की सदस्यता ली। इनमें दो पार्षद ऐसे हैं, जिन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा है।
निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था चुनाव
आरती भंडारी इससे पहले जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं और खिर्सू ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। करीब एक वर्ष पहले उन्होंने श्रीनगर नगर निगम का चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था। चुनाव में उन्होंने करीब 1,600 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर नगर निगम की पहली महिला महापौर बनने का गौरव हासिल किया था।

10 पार्षदों के साथ ली बीजेपी की सदस्यता
भाजपा में शामिल होने वाले पार्षदों में विजय चमोली, मीना भारती, सोनू, भावना चौहान, अंजली भंडारी, आशीष नेगी, अनुराग चौहान, राजकुमार, नरेंद्र रावत और धर्म सिंह रावत शामिल हैं। वहीं, उपलब्ध सूची में प्रवेश चमोली का नाम भी शामिल है।
पार्टी में शामिल होने के कार्यक्रम के दौरान श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पौड़ी जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
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पौड़ी के महरगांव में भारी बारिश का कहर, भूस्खलन होने से मलबे में दबे तीन लोग, रेस्क्यू जारी

Pauri News : पौड़ी जिले में भारी बारिश का कहर देखने को मिला है। लगातार हो रही बारिश के कारण कोटद्वार के द्वारीखाल ब्लॉक के मेहरगांव (भलगांव) भूस्खलन हो गया। जिसमें तीन लोगों के दबे होोने की सूचना है। मौके पर राहत-बचाव कार्य जारी है।
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पौड़ी के महरगांव में भूस्खलन होने से मलबे में दबे तीन लोग
कोटद्वार के द्वारीखाल ब्लॉक के मेहरगांव (भलगांव) में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक मकान ढह गया। हादसे के बाद मलबे में तीन लोगों के दबे होने की सूचना सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
मौके पर रेस्क्यू अभियान जारी
प्रशासन और बचाव दल हालात पर नजर बनाए हुए हैं। मकान के मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार सुबह से ही भारी बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

बीती रात से लगातार हो रही बारिश से हालात हुए खराब
पर्वतीय क्षेत्रों में बीती रात से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण कई इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। द्वारीखाल क्षेत्र में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
लगातार बारिश के चलते सिलगाड़ और लंगूरगाड़ नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। सरुड़ा गांव में पंचायत घर को भी खतरा बना हुआ है। इसके अलावा खोह नदी के किनारे बने कई मकानों और आशियानों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
Uttarakhand
पौड़ी में स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का उल्लास, तिरंगे के रंग में रंगा पूरा जनपद

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को पूरा पौड़ी जनपद तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया। तिरंगे की आन, बान और शान के साथ शहर से लेकर गांव तक देशभक्ति का उल्लास छाया रहा। भारत माता के जयघोष और राष्ट्रभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा। स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में देशप्रेम, राष्ट्रगौरव और राष्ट्रीय एकता की भावना ने लोगों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।
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छात्र-छात्राओं ने निकाली भव्य प्रभात फेरी
विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने एजेंसी चौक से कलेक्ट्रेट तक भव्य प्रभात फेरी निकाली। हाथों में तिरंगा और जुबां पर देशभक्ति के नारों के साथ निकली प्रभात फेरी ने पूरे शहर में स्वतंत्रता दिवस का जोश भर दिया।
जिला मुख्यालय में प्रभारी मंत्री ने किया ध्वजारोहण
जिला मुख्यालय में प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इसके पश्चात कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभारी मंत्री तथा जिलाधिकारी द्वारा सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की गयी। राष्ट्रगान की गूंज के बीच पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से भर उठा। इस अवसर पर राष्ट्रगान के साथ स्वतंत्रता दिवस का उत्साह मनाया गया।
मुख्य समारोह में ‘नशामुक्त भारत’ की शपथ
संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित मुख्य समारोह का शुभारंभ प्रभारी मंत्री मदन कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया और नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रभारी मंत्री ने उपस्थित लोगों को ‘नशामुक्त भारत’ की शपथ दिलाई।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और वीर शहीदों को किया नमन
प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने जनपदवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि आजादी केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि महान सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण कर राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी जिम्मेदारी दोहराने का दिन है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भारत और उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं तथा विकसित भारत के संकल्प में उत्तराखंड पूरी मजबूती से अपनी भूमिका निभा रहा है।
पौड़ी की मिट्टी ने दिए देश को वीर सपूत
उन्होंने कहा कि पौड़ी वीर सैनिकों की धरती है, जहां की मिट्टी ने देश को ऐसे वीर सपूत दिए हैं, जिन्होंने तिरंगे की आन, बान और शान के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उत्तराखंड के कण-कण में राष्ट्रभक्ति की भावना इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने युवाओं और बच्चों को राज्य की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए नशे से दूर रहने, लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
बेटियों की शिक्षा और विरासत के संरक्षण पर जोर
साथ ही बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए गांवों की मजबूती तथा प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए सभी को मिलकर सशक्त, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना है।
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