Haridwar
चारधाम यात्रा: आज से फिर शुरू हुए ऑफलाइन पंजीकरण, जानिए एक दिन में कितने को अनुमति।

हरिद्वार – चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में काउंटर पर ऑफलाइन पंजीकरण आज एक जून से शुरू हो गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने भी बैठक कर भीड़ नियंत्रित करने की योजना बनाई। धामों में भीड़ बढ़ने से प्रशासन ने 13 मई को ट्रांजिट कैंप में ऑफलाइन पंजीकरण पर रोक लगा दी थी।

इसके बाद 15-16 मई को पंजीकरण पर रोक जारी रही। बाद में यह तिथि 19 मई फिर 31 मई तक बढ़ा दी गई। इससे तीर्थयात्रियों को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण के लिए 12-12 दिन इंतजार करना पड़ा। कई तीर्थयात्री अपने घरों को लौट गए थे।
23 मई से प्रशासन ने अस्थायी पंजीकरण की व्यवस्था की है। अस्थायी पंजीकरण का कोटा 1,000 से कई बार में बढ़ाकर वर्तमान में 4,500 है। शुक्रवार को भी तीर्थयात्रियों से अस्थायी पंजीकरण के फॉर्म जमा करवाए गए। उधर, चार धाम यात्रा प्रशासन के ओएसडी नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने बताया, शनिवार से ट्रांजिट कैंप में चारधाम की यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों का काउंटर पर ऑफलाइन पंजीकरण किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन खोल दिए हैं। शनिवार से एक दिन में 3000 श्रद्धालुओं के ऑफलाइन पंजीकरण होंगे। सरकार ने यह निर्णय गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल के स्थलीय निरीक्षण के बाद लिया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू की थी।
शुरुआत में ऋषिकेश में 1000 और हरिद्वार में 500 श्रद्धालुओं के ऑफलाइन पंजीकरण किए गए। लेकिन धामों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने से सरकार को ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन पर रोक लगानी पड़ी। रोक की अवधि को 31 मई तक बढ़ाया गया। साथ ही गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को निर्देश दिए गए कि वे वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने के बाद बताएं कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन खोले जाएं या नहीं। उनकी रिपोर्ट पर शनिवार से हरिद्वार और ऋषिकेश में प्रतिदिन 1500-1500 ऑफलाइन पंजीकरण शुरू हो जाएंगे।
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अंकिता भंडारी मामले को लेकर सुरेश राठौर का बड़ा बयान, कहा- जांच में करूंगा पूरा सहयोग

Haridwar News : अंकिता भंडारी मामले से जुड़े ऑडियो वायरल मामले में सुरेश राठौड़ का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि वो जांच में हर तरीके से सहयोग देने के तैयार है।
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अंकिता भंडारी मामले को लेकर सुरेश राठौर का बड़ा बयान
पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर ने Ankita Bhandari से जुड़े ऑडियो वायरल मामले में कहा है कि वो पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि इस मामले में पुलिस और एसआईटी टीम को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं। जांच से जुड़े किसी भी अधिकारी चाहे वह संघ का हो या प्रशासन का—उन्हें जब भी बुलाया जाएगा, वो उपस्थित होकर अपना बयान देंगे।
निष्पक्ष जांच को उन्होंने अपना नैतिक कर्तव्य बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी अधिकारी, नेता या मुख्यमंत्री के लिए कोई ऑडियो या वीडियो जारी नहीं किया है। सुरेश राठौर ने आरोप लगाया कि जो ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, उसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।

कांग्रेस इस मुद्दे पर कर रही है राजनीति
सुरेश राठौर ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। इस तरह की घटिया राजनीति नहीं होनी चाहिए। अंकिता हमारी बेटी है और उच्च न्यायालय पर उन्हें पूरा भरोसा है।
Ankita Bhandari मामले को लेकर लगातार सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी से परेशान होकर वो कुछ दिनों के लिए बाहर चले गए थे, लेकिन अब लौट आए हैं। उन्होंने बताया कि एसआईटी ने उन्हें बयान के लिए बुलाया है और जब भी पुलिस या एसआईटी का कोई अधिकारी संपर्क करेगा, वो तुरंत सहयोग करने के लिए तैयार है
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हरिद्वार में दर्दनाक सड़क हादसा, तेज़ रफ्तार बस की चपेट में आई बाइक, महिला की मौके पर ही मौत

Haridwar News : हरिद्वार में एनएच पर दर्दनाक हादसा हो गया। तेज़ रफ्तार बस की चपेट में बाइक सवार के आने से महिला की मौके पर मौत हो गई।
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हरिद्वार में तेज़ रफ्तार बस की चपेट में आई बाइक
हरिद्वार के बहादराबाद थाना क्षेत्र में दिल्ली–हरिद्वार नेशनल हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा (Haridwar accident) हो गया। हरिद्वार से रुड़की जा रही एक बाइक को तेज़ रफ्तार बस ने टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

हादसे में महिला की मौके पर ही मौत
मिली जानकारी के मुताबिक हादसे के समय महिला अपने देवर के साथ बाइक पर सवार थी। जबकि बाइक चला रहा युवक हादसे में सुरक्षित बच गया। हादसे (Haridwar accident) की सूचना मिलते ही बहादराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
तेज रफ्तार के कारण हुआ हादसा
पुलिस ने बस और उसके चालक को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस बहुत ही तेज़ रफ्तार में थी जिसके चलते ये हादसा हुआ। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
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कुंभ क्षेत्र को हिंदू क्षेत्र घोषित करने की मांग हुई तेज, गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर सवाल

Haridwar News : हरिद्वार में Kumbh 2027 को लेकर एक बार फिर से मामला गरमाता नजर आ रहा है। आगामी कुंभ मेले को लेकर कुंभ क्षेत्र को गैर-हिंदू प्रतिबंधित घोषित किए जाने की मांग एक बार फिर से तेज हो गई है। कुंभ में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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कुंभ क्षेत्र को हिंदू क्षेत्र घोषित करने की मांग हुई तेज
धर्मनगरी Haridwar में आगामी Kumbh 2027 को लेकर कुंभ क्षेत्र को गैर-हिंदू प्रतिबंधित घोषित किए जाने की मांग तेज हो गई है। गंगा सभा के अध्यक्ष और हिंदूवादी नेता नितिन गौतम ने तीर्थ पुरोहितों के साथ प्रेस क्लब हरिद्वार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार से कुंभ क्षेत्र को ‘हिंदू क्षेत्र’ घोषित करने की मांग की।
नितिन गौतम का कहना है कि अंग्रेजी शासनकाल में भी नगर पालिका हरिद्वार में गैर-हिंदुओं के ठहरने और व्यवसाय करने को लेकर स्पष्ट नियम थे, ऐसे में कुंभ जैसे महापर्व की पवित्रता बनाए रखने के लिए ये कदम समय की आवश्यकता है।

गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगाई जानी चाहिए रोक
नितिन गौतम ने कहा कि Kumbh 2027 को भव्य और दिव्य कुंभ के साथ-साथ सुरक्षित कुंभ सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए Haridwar के सभी गंगा घाटों और धार्मिक स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जानी चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सनातनी आस्था और कुंभ की गरिमा को समझते हुए इस दिशा में ठोस और ऐतिहासिक निर्णय लेंगे, ताकि कुंभ की धार्मिक मर्यादाएं अक्षुण्ण रह सकें।
FAQs : HARIDWAR NEWS
1. कुंभ क्षेत्र को ‘हिंदू क्षेत्र’ घोषित करने की मांग क्यों उठी है?
गंगा सभा और तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि कुंभ हिंदुओं का सबसे पवित्र महापर्व है। इसकी धार्मिक पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने के लिए कुंभ क्षेत्र को ‘हिंदू क्षेत्र’ घोषित किया जाना आवश्यक है।
2. यह मांग किसने उठाई है?
यह मांग गंगा सभा के अध्यक्ष और हिंदूवादी नेता नितिन गौतम ने तीर्थ पुरोहितों के साथ मिलकर प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उठाई है।
3. गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर किस तरह की रोक की मांग की गई है?
मांग की गई है कि कुंभ मेला क्षेत्र के सभी गंगा घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
4. अंग्रेजी शासनकाल का इस मुद्दे से क्या संबंध बताया गया है?
नितिन गौतम का कहना है कि अंग्रेजी शासनकाल में भी हरिद्वार नगर पालिका क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के ठहरने और व्यवसाय को लेकर स्पष्ट नियम लागू थे।
5. इस मांग के पीछे मुख्य तर्क क्या है?
मुख्य तर्क यह है कि भव्य, दिव्य और सुरक्षित कुंभ का आयोजन सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए धार्मिक मर्यादाओं का पालन अनिवार्य है।
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