Rudraprayag
Kedarnath Yatra 2025: इस बार स्वास्थ्य सेवाओं में होगा नया बदलाव, फिजीशियन और एम्स विशेषज्ञों की होगी तैनाती…

रुद्रप्रयाग: आगामी 2 मई से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा में इस बार यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। यात्रा के दौरान यात्रियों की उचित स्वास्थ्य जांच और तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लिनचोली और केदारनाथ में फिजीशियन तैनात किए जाएंगे। साथ ही, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) के विशेषज्ञ चिकित्सक भी यात्रा के दौरान अपनी सेवाएं देंगे।
केदारनाथ, जो समुद्रतल से 11,750 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, वहां की यात्रा में यात्रियों को शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सांस लेने में दिक्कत, सिर दर्द, छाती में दर्द, आंखों में जलन और चक्कर आना जैसी समस्याएं आम हैं। इस बार केदारनाथ यात्रा के स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष योजना बनाई है, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचने और उनका तुरंत इलाज किया जा सके।
सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 14 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) स्थापित किए जाएंगे, जहां प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध होगी। इन केंद्रों पर रक्तचाप, शूगर और ऑक्सीजन लेवल की जांच की जाएगी। इसके साथ ही, चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है।
मुख्य चिकित्साधिकारी रुद्रप्रयाग, डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि इस बार यात्रा के दौरान एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद ली जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। इसके अलावा, केदारनाथ और लिनचोली में तैनात फिजीशियनों द्वारा यात्रियों की निगरानी और इलाज किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती सोनप्रयाग, गौरीकुंड और केदारनाथ में की जाएगी, जिससे यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को उच्चतम चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
Rudraprayag
मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा!, ट्रॉली व्यवस्था के बीच नदी में गिरा श्रद्धालु

Rudraprayag News :रुद्रप्रयाग जिले में स्थित द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गौण्डार गांव के पास मोरखंडा नदी पार करने के दौरान एक श्रद्धालु अचानक संतुलन खो बैठा और नदी में जा गिरा। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और अन्य यात्रियों की तत्परता से उसका समय रहते रेस्क्यू कर लिया गया।
Table of Contents
मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर ट्रॉली व्यवस्था के बीच नदी में गिरा श्रद्धालु
रूद्रप्रयाग में मोरखंडा नदी पर बना अस्थायी लकड़ी का पुल पहले ही बह चुका है। इसके बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही ट्रॉली के जरिए कराई जा रही है। इसी दौरान ट्रॉली में सवार होने की कोशिश कर रहा एक तीर्थयात्री अचानक फिसलकर नदी में गिर गया।

स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद घायल श्रद्धालु को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। बताया जा रहा है कि वह घायल है और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
यात्रा मार्ग पर बढ़ा जोखिम
अस्थायी पुल बह जाने के बाद ट्रॉली ही नदी पार करने का एकमात्र साधन बनी हुई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एकत्र होने से यात्रा मार्ग पर अव्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
Rudraprayag
रुद्रप्रयाग में दर्दनाक हादसा, घास लेने गई महिला उफनते गदेरे में बही, मौत से इलाके में पसरा मातम

Rudraprayag News : रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार क्षेत्र से रविवार को एक दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई। घास लेने जंगल गई एक महिला अचानक उफनते गदेरे के तेज बहाव की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही बह जाने की सूचना मिली। करीब डेढ़ घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद महिला का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर बरामद कर लिया गया।
Table of Contents
रुद्रप्रयाग में घास लेने गई महिला उफनते गदेरे में बही
रूद्रप्रयाग के बसुकेदार में रविवार सुबह लगभग 11:32 बजे ग्राम प्रधान सेमकोटी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, रुद्रप्रयाग को सूचना दी कि ग्राम स्वारा के तिमली क्षेत्र के आगे घास लेने गई एक महिला अचानक गदेरे में बह गई है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया।
महिला की डूबने से हुई मौत
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के निर्देश पर जल पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) और डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (DDRF) बसुकेदार की टीमों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। बचाव दल ने गदेरे और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर तलाश अभियान चलाया।

डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बरामद हुआ शव
करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद राहत टीमों ने महिला का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर बरामद कर लिया। मृतका की पहचान 38 वर्षीय विनीता देवी, पत्नी हिम्मत सिंह नेगी, निवासी ग्राम कोटी के रूप में हुई है।
इस हादसे के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण उफनते गदेरों और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से नदी-नालों के आसपास न जाने की अपील की है।
Rudraprayag
रुद्रप्रयाग में बारिश का कहर, सोनप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर भूस्खलन, यात्री परेशान

Rudraprayag News : रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण हालात बिगड़ने लगे हैं। शुक्रवार सुबह सोनप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन और भारी बोल्डर गिरने से सड़क बंद हो गई। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
Table of Contents
सोनप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर भूस्खलन
सोनप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुनकटिया के पास पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इसके अलावा सोनप्रयाग से आगे घाटी क्षेत्र में सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने और सड़क का हिस्सा नीचे से कटने के कारण भी खतरा बना हुआ है। हालांकि इस स्थान पर प्रशासन और एनएच विभाग की निगरानी में सावधानी के साथ वाहनों का संचालन कराया जा रहा है।
NH विभाग की टीम मौके पर मलबा हटाने के काम में जुटी
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने के काम में जुटी है। एनएच के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से मलबा हटाने का कार्य तेजी से चल रहा है। विभाग की प्राथमिकता जल्द से जल्द मार्ग को सुरक्षित तरीके से सुचारु करना है।
अलकनंदा और मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर
लगातार बारिश का असर जिले की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक शुक्रवार सुबह अलकनंदा नदी का जलस्तर 627.50 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 627 मीटर है। वहीं मंदाकिनी नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंदाकिनी का जलस्तर 626.50 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 626 मीटर निर्धारित है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और यात्रा मार्ग पर आवाजाही करने वाले यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है। लगातार बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
Cricket20 hours agoSUL vs WEF Dream11 Prediction Match 27: Pitch Report, Playing XI & Fantasy Tips
Cricket8 hours agoLNS vs BPH Dream11 Prediction Match 28: The Hundred 2026 (9 Aug)
Udham Singh Nagar3 hours agoखटीमा रेलवे स्टेशन के पास दो शव मिलने से हड़कंप, पुलिस मामले की जांच में जुटी
big news6 hours agoउत्तराखंड में 10 हजार युवाओं के लिए नौकरी का मौका, जानिए कब और कहां लगेंगे रोजगार मेले ?
uttarakhand weather6 hours agoउत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, 11 अगस्त तक कई जिलों में अलर्ट, देखें पूरी रिपोर्ट
Haldwani4 hours agoहल्द्वानी की रेणु धरियाल ने रचा इतिहास, 8 फीट 10 इंच लंबे बालों से बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
Haridwar38 minutes agoहरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान हादसा, तेज बहाव में बहा कांवड़िया, तलाश जारी












































