Uttarakhand
छात्रों का फूटा गुस्सा, कॉलेज की छत पर चढ़कर किया प्रदर्शन

उत्तरकाशी – राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी में छात्रों का गुस्सा सोमवार को उस वक्त फूट पड़ा जब कुछ छात्र नेता कॉलेज की छत पर चढ़ गए। छात्र पिछले एक सप्ताह से श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय द्वारा कई होनहार छात्रों को अनुचित तरीके से फेल कर दिया गया है।
छात्रों की मांग है कि उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा निष्पक्ष जांच कराई जाए और साथ ही कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए। छात्रों ने पिछले कुछ दिनों से कॉलेज में तालाबंदी कर रखी है और प्रशासन से बार-बार संवाद की मांग की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस और कॉलेज प्रशासन छात्रों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अडिग हैं।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया तो वे उग्र आंदोलन की राह भी अपना सकते हैं।
कॉलेज प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों की मांगों पर विचार किया जा रहा है।
Breakingnews
रूद्रप्रयाग में भीषण सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, तीन लोगों की मौके पर ही मौत

Rudraprayag Accident : रूद्रप्रयाग में देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां एक कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
Table of Contents
रूद्रप्रयाग में भीषण सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार
रुद्रप्रयाग जिले में भीरी-ककोला मोटर मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। बुधवार देर रात करीब 11:54 बजे एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। वाहन भीरी से औरिंग की ओर जा रहा था, इसी दौरान वो हादसे का शिकार हो गया।
हादसे में कर सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत
हादसे की सूचना मिलते ही SDRF की टीम अगस्तमुनि से उपनिरीक्षक धर्मेंद्र पवार के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचने पर पता चला कि वाहन करीब 250 मीटर गहरी खाई में गिरा हुआ था। कार में तीन लोग सवार थे और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

ककड़ी मशक्कत के बाद शवों को निकाला जा सका बाहर
SDRF टीम ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद अब तक एक शव को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचा दिया गया है, जबकि बाकी शवों को निकालने का काम जारी है। प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है और हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
रुद्रप्रयाग के ही रहने वाले थी तीनों मृतक
- 1. नवीन सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह, उम्र लगभग 30 वर्ष, निवासी औरिंग, रुद्रप्रयाग।
- 2. अमित सिंह पुत्र आनंद सिंह, उम्र लगभग 35 वर्ष, निवासी सुरसाल, रुद्रप्रयाग।
- 3. अंशुल पुत्र धनपाल, उम्र लगभग 28 वर्ष, निवासी सुरसाल, रुद्रप्रयाग।
big news
भू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट विधि-विधानपूर्वक खुले, हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी

Badrinath Dham : भू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट आज सुबह विधि-विधापूर्वक खोल दिए गए हैं। हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। सीएम धामी ने कपाट खुलने के बाद भगवान बद्री विशाल के दर्शनव किए।
Table of Contents
भू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट विधि-विधानपूर्वक खुले
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज पूरे विधि विधान और वैदिक मन्त्रोचार के साथ प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ हेतु खोल दिए गए हैं। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल और अखंड ज्योत के दर्शन किए।
सीएम धामी ने किए भगवान बद्री विशाल के दर्शन
भू बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान बद्री विशाल के दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

भगवान श्रीहरि विष्णु की पवित्र भूमि श्री बद्रीनाथ धाम हिमालय की गोद में स्थित ये दिव्य धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। इस पावन अवसर पर अलौकिक भक्ति, दिव्य ऊर्जा और अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति ने मन को भावविभोर कर दिया।
पीएम मोदी के नाम से की गई धाम में पहली पूजा
कपाटस खुलने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi के नाम से श्री हरि विष्णु की प्रथम पूजा की गई। सम्पूर्ण विधि विधान के साथ श्री बदरी विशाल का वंदन कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं मंगल के लिए प्रार्थना की।
सीएम ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घाटन के साथ ही पावन चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। देवभूमि उत्तराखण्ड में देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सहज यात्रा अनुभव प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
big news
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खुले तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट, 691 श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के साक्षी

Tungnath Dham : केदारनाथ धाम के साथ ही तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट आज भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। सैकड़ों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
Table of Contents
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खुले तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट
आज तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट विधि-विधानपूर्वक भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धाम के कपाट खुलते ही पूरा इलाका हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। 691 श्रद्धालु कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

सीएम धामी ने श्रद्धालुओं का किया स्वागत
तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने पर सीएम धामी नेे श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि आज पंच केदारों में प्रतिष्ठित श्री तुंगनाथ महादेव मंदिर के कपाट भी वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खोल दिए गए हैं।
चारधाम और पंच केदार यात्रा पर देवभूमि उत्तराखंड पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं का हृदय से स्वागत, अभिनंदन और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं। देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना है कि सभी की यात्रा सुखद, सुरक्षित और कल्याणकारी हो।
big news19 hours agoउत्तराखंड में होने जा रहा है कुछ बड़ा, 28 अप्रैल को बुलाया गया विधानसभा का विशेष सत्र, अधिसूचना जारी
big news23 hours agoहरिद्वार में साधु बाबा की पीट-पीट कर हत्या, दिनदहाड़े हुई वारदात से इलाके में मचा हड़कंप
Pithoragarh23 hours agoपिथौरागढ़ में पासपोर्ट कार्यालय बनकर तैयार, जानें किस दिन जिले को मिलेगी सौगात ?
Uttarakhand21 hours agoमहिला आरक्षण बिल को लेकर उत्तराखंड में नहीं थम रही सियासत, BJP महिला मोर्चा की विपक्ष के लिए विशेष रणनीति तैयार
big news18 hours agoवैदिक मंत्रोच्चार के बीच खुले तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट, 691 श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के साक्षी
Cricket2 hours agoRCB vs GT Dream11 Team Match 34 IPL 2026 के लिए पिच रिपोर्ट, प्लेइंग XI और फैंटेसी टिप्स
Breakingnews1 hour agoरूद्रप्रयाग में भीषण सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, तीन लोगों की मौके पर ही मौत
big news3 hours agoभू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट विधि-विधानपूर्वक खुले, हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी












































