Dehradun
सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र के साथ वक्फ कानून में ऐतिहासिक सुधार: सीएम धामी

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी @dushyanttgautam के साथ भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित वक्फ सुधार जनजागरण प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में सहभागिता की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य हाल ही में वक्फ कानून में किए गए संशोधनों को लेकर जनजागरण फैलाना और मुस्लिम समाज के पसमांदा, पिछड़े और गरीब वर्ग तक इसके लाभ को पहुंचाना था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वक्फ कानून में किया गया यह संशोधन पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करेगा। यह पसमांदा मुस्लिम समाज को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री @narendramodi के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र को आत्मसात कर डबल इंजन सरकार प्रदेश के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) @ajaeybjp सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और मुस्लिम समाज से जुड़े लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
#WaqfLawReform #PasmandaEmpowerment #CMPushkarDhami #BJPWorkshop #InclusiveGovernance
Uttarakhand
DEHRADUN NEWS: उत्तराखंड गौरव सम्मान समारोह में पहुंचे CM धामी, रचनाकारों को दिया सम्मान

उत्तराखंड में स्थापित होंगे दो आधुनिक “साहित्य ग्राम”, साहित्यिक पर्यटन की दिशा में सरकार प्रयासरत
DEHRADUN NEWS: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा आयोजित उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह-2025 में उत्तराखंड के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से डॉ. जितेन ठाकुर को सम्मानित किया।
मुख्य बिंदु
उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह में पहुंचे सीएम धामी
इसके साथ मुख्यमंत्री ने डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय एवं अताए साबिर अफजल मंगलौरी को “उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।
उत्तराखंड में युवा लेखकों को बढ़ावा दे रही प्रदेश सरकार
इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट साहित्यकारों एवं “युवा कलमकार प्रतियोगिता” के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने साहित्य नारी वंदन सम्मान के अंतर्गत प्रो. दिवा भट्ट, उत्कृष्ट बाल साहित्य हेतु प्रो. दिनेश चमोला, उत्तराखंड मौलिक रचना पुरस्कार के अंतर्गत डॉ भूपेंद्र बिष्ट, डॉ सुधा जुगरान, शीशपाल गुसाई, उत्कृष्ट कुमाऊनी एवं गढ़वाली साहित्य हेतु तारा पाठक, हेमंत सिंह बिष्ट एवं गजेंद्र नौटियाल आदि को सम्मानित किया |

ये भी पढ़ें_ 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कॉन्फ्रेंस–2025 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया प्रतिभाग
“उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से डॉ. जितेन ठाकुर हुए सम्मानित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उनके लिए ये अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्हें प्रदेश के महान साहित्यकारों को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से सम्मानित डॉ. जितेन ठाकुर न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
उन्होंने सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी रचनात्मकता के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समृद्ध करने के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान” समारोह प्रदेश की साहित्यिक परंपरा, रचनात्मक चेतना और साहित्यकारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
साहित्यकार समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक होते हैं: मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि सदियों से ज्ञान, संस्कृति और सृजन का केंद्र रही है, जहां हिमालय, गंगा और प्राकृतिक सौंदर्य ने अनेक लेखकों और कवियों को प्रेरित किया है। सुमित्रानंदन पंत, गौरा पंत “शिवानी”, मोहन उप्रेती और शैलेश मटियानी जैसे साहित्यकारों ने इस धरा को गौरवान्वित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और लेखक केवल शब्दों के निर्माता नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन और उत्तराखंड राज्य निर्माण में साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

राज्य में स्थापित होंगे दो आधुनिक “साहित्य ग्राम”
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य में दो “साहित्य ग्राम” स्थापित किए जा रहे हैं, जहां साहित्यकारों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
ये भी पढ़ें_ मुख्यमंत्री धामी ने PM मोदी से की मुलाकत, उत्तराखंड आगमन का दिया निमंत्रण
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है और साहित्यिक धरोहर को पुनर्स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रेरणा से राज्य सरकार भी उत्तराखंड की बिखरी साहित्यिक धरोहर को संकलित एवं संरक्षित करने के लिए प्रयासरत है।
Uttarakhand
उत्तराखंड में नहीं मिल रहा रेबीज का टीका, मरीजों की जेब पर पड़ रहा भारी बोझ

Uttarakhand Anti Rabies Injection Shortage: बाहर से महंगे इंजेक्शन खरीदने पर मजबूर मरीज
Uttarakhand Anti Rabies Injection Shortage: उत्तराखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ी अनियमितता देखने को मिल रही है. प्रदेश भर के अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन की भारी कमी देखने को मिल रही है. समय पर टेंडर न हो पाने और उत्पादक फार्मा कंपनियों को रॉ मटिरियल न मिल पाने से प्रदेश भर में एंटी रेबीज इंजेक्शन की शोर्टेज हो रही है. जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है.
मुख्य बिंदु
उत्तराखंड में नहीं मिल रही एंटी रेबीज वैक्सीन
दरअसल, उत्तराखंड में सरकारी अस्पतालों में लम्बे समय से एंटी रेबीज इंजेक्शन की भारी कमी देखने को मिल रही है. इस वजह सी मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. आवारा कुत्तों के काटने पर लोग महंगे इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं. इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर भी बुरा असर पड़ रहा है.
ये भी पढ़ें_ इमरजेंसी में भी देरी! कोरोनेशन अस्पताल की व्यवस्था कटघरे में, घायल युवती ने खोली हॉस्पिटल की पोल
3 महीने से दून में एंटी रेबीज वैक्सीन की सप्लाई बंद
CMO देहरादून मनोज कुमार शर्मा का इस मामले पर कहना है कि उनको 3 महीने से वैक्सीन नहीं मिल पा रही है. उन्होंने बताया कि पिछले 3 महीने से रेबीज वैक्सीन की कमी देखने को मिल रही है. इसके पीछे की मुख्य वजह टेंडर समय पर ना होना और वैक्सीन निर्माता फार्मा कंपनियों को रॉ मटिरियल न मिल पाना है. साथ ही उन्होंने बताया कि स्टेट लेवल से जो वैक्सीन उनको मिलनी थी वो पिछले 3 महीने से नहीं मिल पा रही है. हाल ही में जो उन्होंने ऑर्डर किया था वह भी उपलब्ध नहीं हो पाया है.
ये भी पढ़ें_ होली के हुड़दंग में 610 लोग पहुंचे अस्पताल, 123 लोग खुद गिरने से हुए घायल, 2 की मौत
अस्पतालों को आरसीबी से वैक्सीन खरीदने के निर्देश
CMO देहरादून ने बताया कि उनके द्वारा सभी अस्पताल और स्वास्थ्य केन्द्रों को अपने स्तर पर इस कमी को दूर करने के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन अन्य क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (आरसीबी) से खरीदने के निर्देश दिए गए हैं. ताकि आम लोगों और मरीजों को परेशानी का समाना न करना पड़े.
big news
क्राइम कैपिटल बनता जा रहा दून, कप्तान बदलने के बाद भी नहीं लग सकी अपराधों पर लगाम

Dehradun Crime : देहरादून में बढ़ता क्राइम, कप्तान तो बदला लेकिन हालात नहीं !
Dehradun Crime: राजधानी देहरादून में आज सुबह रोड रेज की घटना में हुई गोलाबारी में एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर देहरादून की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा दिए हैं।
Table of Contents
क्राइम कैपिटल बनता जा रही राजधानी देहरादून
सोमवार सुबह 6.50 बजे देहरादून के जोहड़ी गांव में वाहन को पास ना देने को लेकर दो कार सवारों के बीच हुए विवाद में गोलीबारी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर वीके जोशी की मौत हो गई। इस घटना के बाद देहरादून की कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
सिर्फ यही घटना नहीं है बल्कि इस से एक दिन पहले ही कुंआवाला के जंगल में एक लाश मिली थी और बीते दिनों मांडूवाला में एक महिला की लाश कट्टे में मिली थी। देहरादून में दिन पर दिन लगातार हत्या, लूट और अन्य आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं।

कप्तान बदलने के बाद भी नहीं लग सकी अपराधों पर लगाम
देहरादून में बीते कुछ समय से अपराध बेलगाम होता जा रहा है। जिस कारण कप्तान को भी बदला गया था लेकिन हालात वही ढाक के तीन पात वाले बने हुए हैं। फरवरी के महीने में एक के बाद एक हुई हत्या की कई घटनाओं से लोगों में डर का माहौल बन गया। महज 16 दिनों में हुई पांच हत्याओं ने ना केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे बल्कि राजधानी में आने वालों के मन में भी डर भर दिया था।
हालांकि लगातार हुई 5 हत्याओं के बाद शासन की नींद खुली और देहरादून के कप्तान को बदल दिया गया। अजय सिंह को हटाकर प्रमेंद्र डोबाल को नया एसएसपी बना दिया गया। नए कप्तान के आने के एक महीने बाद भी हालात बदलते हुए नहीं दिख रहे हैं। अब भी अपने शांत माहौल के लिए प्रसिद्ध देहरादून में खुलेआम हत्याएं हो रही हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन के दावों की पोल
सोमवार सुबह हुई घटना ने पुलिस-प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। इस घटना से स्पष्ट होता है कि राजधानी में अब भी ओवरस्पीडिंग पर लगाम नहीं लगाई जा सकी है। ये हालत तब हैं जब दून में इनोवा कार हादसे में छह युवाओं की मौत के बाद यातायात के नियमों का कड़ाई से पालन करवाने की बात कही गई थी।
इसके साथ ही पुलिस द्वारा शहर में गश्त करने के दावे भी किए गए थे। आज सुबह हुई घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि अगर पुलिस पेट्रोलिंग कर रही थी तो कैसे शहर में ऐसी वारदात हो गई। हैरानी की बात है कि घटना के बाद स्कॉर्पियो कार सवार फरार भी हो गए जिनका अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है।
Breakingnews7 hours agoवाहन को पास न देने को लेकर देहरादून में चली गोलियां, मॉर्निंग वॉक कर रहे शख्स की गोली लगने से मौत
Cricket6 hours agoRR vs CSK Dream11 Prediction 3rd Match IPL 2026 : पिच रिपोर्ट, प्लेइंग 11 और टॉप फैंटेसी पिक्स
big news7 hours agoपुलिस थाने में PRD जवान की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई, SSP ने सब इंस्पेक्टर को किया सस्पेंड
Dehradun3 hours agoरोड रेज में हुई गोलाबारी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर वीके जोशी की मौत, मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे ब्रिगेडियर
big news24 hours agoकांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा का बड़ा बयान, दल-बदल के डर से किया गया धामी कैबिनेट का विस्तार
Pithoragarh5 hours agoपिथौरागढ़ में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 3500 रुपये में बनाते थे फेक आधार
Dehradun5 hours agoDEHRADUN NEWS: ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ के तहत दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 विदेशी महिलाएं गिरफ्तार
big news22 hours agoबड़ी खबर : अल्मोड़ा में दर्दनाक हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दो लोगों की मौत, दो घायल






































