Politics
सीएम धामी का अनोखा अंदाज, जंगलों में बिखरी हुई पिरूल की पत्तियों को एकत्र करते हुए आए नजर.. दिया सन्देश।

रुद्रप्रयाग – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रप्रयाग पहुंचे..इस बीच जंगलों में बिखरी हुई पिरूल की पत्तियों को एकत्र करते हुए नजर आए इसके साथ ही जन-जन को इसके साथ जुड़ने का संदेश दिया। पिरूल की सूखी पत्तियां वनाग्नि का सबसे बड़ा कारण होती हैं।

सीएम ने प्रदेश की समस्त जनता से अनुरोध करते हुए कहा कि आप भी अपने आस-पास के जंगलों को बचाने के लिए युवक मंगल दल, महिला मंगल दल और स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर इसे अभियान के रुप में संचालित करने का प्रयास करें।
वनाग्नि को रोकने के लिए सरकार ‘पिरूल लाओ-पैसे पाओ’ मिशन पर भी कार्य कर रही है। इस मिशन के तहत जंगल की आग को कम करने के उद्देश्य से पिरूल कलेक्शन सेंटर पर ₹50/किलो की दर से पिरूल खरीदे जाएंगे। इस मिशन का संचालन पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा किया जाएगा इसके लिए ₹50 करोड़ का कार्पस फंड पृथक रूप से रखा जाएगा।
Breakingnews
करोड़ों की संपत्ति लेकिन फिर भी उत्तराखंड के नेता नहीं उठा पा रहे अपनी यात्रा का खर्चा, RTI से हुआ बड़ा खुलासा

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में यूं तो नेताओं के पास करोड़ों की संपत्ति है लेकिन फिर नेता और उनके परिवार वाले दान में मिलने वाले पैसों से यात्रा कर रहे हैं।
Table of Contents
करोड़ों की संपत्ति लेकिन फिर भी उत्तराखंड के नेता BKTC के खर्चे पर कर रहे यात्रा
उत्तराखंड के नेता और उनके बच्चे बद्रीनाथ और बाबा केदार के दर्शनों के लिए जाने का खर्चा तक नहीं उठा पा रहे हैं तभी तो इनकी यात्राओं के पैसे बीकेटीसी को देने पड़ रहे हैं।
जिस पैसे को आप अपनी श्रद्धा से बद्री केदार में चढ़ाते हैं ये सोचते हुए कि इनसे कुछ पुण्य का काम होगा या ये पैसे किसी जरूरतमंद के काम आएंगे तो वहीं इन पैसों को भी उत्तराखंड के मंत्री विधायक और उनके परिवार की खुशामत के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि आरटीआई एक्टिविस्ट विकेश नेगी कह रहे हैं। उनके द्वारा किए गए खुलासे और पेश किए गए दस्तावेज पूरी कहानी बयां कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी नहीं उठा पाई अपनी यात्रा का खर्चा
उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी नेहा जोशी और खुद केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल मंदिर समिति के खर्चे पर चलती हैं। कैबिनेट मंत्री की बेटी नेहा जोशी बाबा केदार के दर्शनों के लिए जाती हैं लेकिन अपने खर्चे के लिए साथ कुछ भी नहीं ले जाती।
उनके रहने की व्यवस्था भी मंदिर समिति करती है और खाने की भी। विकेश नेगी ने आरटीआई से खुलासा किया है कि नेहा जोशी की आवभगत में बीकेटीसी ने महज दो दिन में ही 60 हजार रूपए खर्च दिए। अब यहां सवाल उठता है कि क्या उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री की बेटी इतनी गरीब हैं कि अपनी दो दिन की यात्रा का खर्चा तक खुद नहीं उठा सकतीं।

केदारनाथ विधायक पर बीकेटीसी ने खर्च किए 37,500 रूपए
ये लिस्ट यहीं नहीं रूकटी अगला नाम जो है वो आपको सोचने पर मजबूर कर देगा। क्योंकि ये नाम किसी और का नहीं बल्कि खुद बाबा केदार की नगरी केदारनाथ की विधायक का है। यूं तो विधायक महोदया महीने का चार लाख रूपए सभी भत्ते मिलाकर लेती हैं लेकिन अपनी एक दो दिन की यात्रा के कुछ हजार भी खुद नहीं चुका पा रहीं। केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के दर्शन और रहने पर बीकेटीसी ने 37,500 रूपए खर्चे किए। ये ब्यौरा तब का है जब पिछले साल कपाट खुलने के दौरान विधायक महोदया केदारनाथ पहुंची थीं।
पीएम मोदी के भाई से जिलाध्यक्ष पर खर्च हुए हजारों रूपए
ये लिस्ट यहीं पर नहीं रूकती इसमें पीएम मोदी के भाई से लेकर रुद्रप्रयाग भाजपा जिलाध्यक्ष तक कई नाम शामिल हैं। जो खुद का खर्चा ही नहीं उठा पाते इसलिए चंदे पर जीते हैं। बीकेटीसी ने प्रधानमंत्री मोदी के भाई पंकज मोदी पर: ₹22,000, आरएसएस नेता प्रकाश व निरंजन पर: ₹20,000, रुद्रप्रयाग भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट और अन्य कार्यकर्ताओं के ऊपर: ₹24,000 और बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सहायक अजय श्रीवास्तव के ऊपर: 23,000 रूपए खर्च किए हैं।

सभी से पैसे वापस ले बीकेटीसी – गणेश गोदियाल
बीकेटीसी के अध्यक्ष रह चुके कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया की अगर बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष इन दौरों के दौरान खुद भी मौजूद थे तो यह खर्चा समिति के खाते में जुड़ सकता है लेकिन अगर इससे इतर ये लोग अपने निजी दौरे पर थे और समिति द्वारा खर्च किया गया है तो मंदिर समिति को चाहिए कि इन सभी नेताओं को एक पत्र जारी करें और उनसे वह पैसा वापस लिया जाए जो उनके दौरे के दौरान खर्च हुआ।
Breakingnews
क्या है कॉकरोच जनता पार्टी ?, किसने बनाया इसे, जानें कैसे सिर्फ पांच दिनों में ही कैसे हो गई इतनी फेमस

cockroach janata party kya hai : देश में इन दिनों हर ओर कॉकरोच जनता पार्टी की चर्चा हो रही है। महज पांच दिनों में इंस्टाग्राम पर 90 लाख फॉलोअर्स पाने वाली इस पार्टी के बारे में हर कोई जानने के लिए उत्सुक है। अगर आपके दिमाग में भी ये सवाल आ रहा कि ये कॉकरोच जनता पार्टी है क्या और किसने बनाई कैसे इतनी फेमस हो गई तो आईए हम आपको बताते हैं।
Table of Contents
क्या है कॉकरोच जनता पार्टी ? (cockroach janata party kya hai)
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। जिसके बाद इस बयान के विरोध में एक पार्टी जिसका नाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बन गई।

इंस्टाग्राम हैंडल पर हैं 9 मिलियन से भी ज्यादा फॉलोवर्स
देखते ही देखते अब कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम हैंडल (cockroach janata party instagram account) पर 9 मिलियन से भी ज्यादा फॉलोवर्स हो गए हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. वहीं, दूसरी ओर अगर भाजपा की बात करें तो इंस्टाग्राम पर बीजेपी के 87 लाख और कांग्रेस के 1.32 करोड़ फॉलोअर हैं।
किसने बनाई cockroach janata party ?
अब बात करते हैं कि आखिर ये पार्टी किसने बनाई – तो आपको बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने बनाई है। इसका नारा है- ‘सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी।’ जबकि पार्टी ज्वाइन करने के लिए योग्यता …
- 1. पहली- बेरोजगारी.
- 2. दूसरी- आलसी होना यानी डले रहो, पड़े रहो.
- 3. तीसरी- ऑनलाइन रहने की लत.
- 4. चौथी- प्रोफेशनली भड़ास निकालने की क्षमता. है
सोशल मीडिया पर CJP vs BJP की छिड़ी बहस
इस पार्टी के बनने के सिर्फ पांच दिन में ही 9 मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स होने के बाद बहस और भी तेज हो गई। लोग इसे सपोर्ट कर रहे हैं खासकर युवा सपोर्ट कर रहे हैं। इस पार्टी के बनने के बाद एक और बहस छिड़ गई है तो cjp vs bjp की।

लोगों का कहना है कि कॉकरोच जनता पार्टी आने वाले चुनावों में बीजेपी को टक्कर दे सकती है। ये भले ही जीते ना लेकिन वोट आसानी से काट सकती है। ऐसा लोग इसलिए भी कह रहे हैं क्योंकि इसने अपना मेनीफेस्टों भी जारी किया है।
FAQs – cockroach janata party kya hai
Q1. कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ राजनीतिक/व्यंग्यात्मक अभियान है, जिसने कम समय में युवाओं के बीच काफी चर्चा बटोरी है।
Q2. कॉकरोच जनता पार्टी किसने बनाई?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी को महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने शुरू किया है।
Q3. कॉकरोच जनता पार्टी इतनी जल्दी वायरल कैसे हुई?
पार्टी ने बेरोजगारी, युवाओं की नाराजगी और सोशल मीडिया ट्रेंड्स से जुड़े कंटेंट के कारण तेज़ी से लोकप्रियता हासिल की। मीम्स और रील्स ने इसकी पहुंच बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।
Q4. कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर कितने फॉलोअर्स हैं?
रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के इंस्टाग्राम हैंडल पर 9 मिलियन (90 लाख) से अधिक फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
Q5. कॉकरोच जनता पार्टी का नारा क्या है?
इस पार्टी का नारा बताया जाता है:
“Secular, Socialist, Democratic, Lazy”
Q6. कॉकरोच जनता पार्टी जॉइन करने की योग्यता क्या बताई गई है?
सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के अनुसार इसमें बेरोजगारी, आलसी होना, ऑनलाइन रहने की आदत और प्रोफेशनली भड़ास निकालने जैसी बातें मजाकिया/व्यंग्यात्मक तरीके से बताई गई हैं।
Breakingnews
बड़ी खबर : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन, मैक्स हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस

BC Khanduri Death : राजधानी देहरादून से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन हो गया है। खंडूरी की पुत्री व विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने क
Table of Contents
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन
उत्तराखंड की राजनीति से जुड़ी एक बेहद दुखद खबर ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी का निधन हो गया है।
लंबे समय से बीमार चल रहे BC khanduri का देहरादून के मैक्स हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। उनके निधन की पुष्टि उनकी पुत्री और विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने की है।

बीजेपी के कद्दावर नेताओं में से एक थे बीसी खंडूरी
उत्तराखंड की राजनीति में बीसी खंडूरी एक बड़े और प्रभावशाली चेहरे के रूप में जाने जाते थे। सादगी, अनुशासन और साफ-सुथरी छवि के लिए पहचाने जाने वाले खंडूरी ने राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी। साल 2007 में वो पहली बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने थे और बाद में दोबारा भी उन्हें राज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
big news18 hours agoकौन हैं आशीष चौहान ? जो बने देहरादून के नए जिलाधिकारी, कई जिलों में निभा चुके हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, जानें यहां
Rudraprayag20 hours agoअलकनंदा में समाई बोलेरो! चालक का अब तक नहीं मिला सुराग, सर्च ऑपरेशन अब भी जारी
big news24 hours agoPetrol-Diesel Price Hike Today: आम जनता को बड़ा झटका! 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम, पेट्रोल ₹100 के पार, जानें उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों का हाल
Breakingnews19 hours agoकरोड़ों की संपत्ति लेकिन फिर भी उत्तराखंड के नेता नहीं उठा पा रहे अपनी यात्रा का खर्चा, RTI से हुआ बड़ा खुलासा
National22 hours agoआज से नौतपा शुरू, अगले नौ दिन पड़ेगी भीषण गर्मी, लू से बचना है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां
Champawat23 hours agoनशे के सौदागरों पर चंपावत पुलिस का बड़ा प्रहार, 1200 प्रतिबंधित कैप्सूल के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
Uttarakhand17 hours agoउत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को मिला ‘पद्म भूषण’, आज दिल्ली में राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
Cricket43 minutes agoSRH vs RR Dream11 Team Eliminator IPL 2026: फैंटेसी क्रिकेट टिप्स, प्लेइंग XI, पिच रिपोर्ट और बेस्ट ड्रीम11 टीम






































